- उमा शंकर चौधरी
हम आज यह जान लें कि
लाल बत्ती पर अपने करतब दिखाने
वाला वह बच्चा
एक दिन बड़ा होकर पूछेगा सवाल
वह पूछेगा वोट डालने का मतलब
वह पूछेगा धूल के नाक से फेफड़े में
घुसने से
होने वाली बीमारी का हिसाब
वह पूछेगा इस देश को प्यार करने का
कारण।
वह धूल से सना हुआ
करतब दिखाता हुआ भूखा बच्चा एक दिन
बड़ा हो जाएगा
साथ ही बड़ी हो जाएगी उसकी नफरत
संभव है वह सीख ले साँपों को
पकड़ना
और उसके विष के दाँतों को तोड़ना
संभव है उसके हाथ में इन्हीं करतबों से
आ जाए
एक बेमिसाल जादू और फिर वह
इस तेज भागती दुनिया को कर दे एक जगह स्थिर
संभव है चलाना सीख ले वह गुलेल
और हो जाए उसका निशाना एकदम
पक्का
संभव कुछ भी है
निशाना पक्का हो तो उसके हाथ में
आ सकता है और भी कुछ
हम उसे लाल बत्ती पर देखते हैं
और मुँह फेर लेते हैं
लेकिन एक दिन वह बड़ा होगा
और खूँखार हो जाएगा
तब आप उसे अदेखा नहीं कर पाएँगे।
वह आपकी लंबी गाड़ी के कांच को
तोड़ देगा पत्थर के एक वार से।