अक्टूबर की दो तारीख को जन्मदिन है आया
जन्मदिन किसका है ये, मास्टरजी ने बताया
क्या करें इस दिन हम सब, सिर सबका चकराया
तभी मिलकर बच्चों ने, एक प्लान बनाया
बनाकर रैली सारे बच्चे पहुँचे गाँधी चौक में
सब बच्चों ने पहले चौक की, कर डाली सफाई
बच्चों को यह करता देख, बड़ों को अक्ल है आई
बच्चों से ही गुणीजनों ने गाँधी जयंती जानी
पर बच्चों को बापू को माला भी थी पहनानी
बापू ऊपर बच्चे नीचे यही थी इक परेशानी
इक बच्ची जो चतुर थी उसने इक तरकीब भिड़ाई
झटपट सभी के कानों में यह तरकीब गई सुनाई
इकदूजे के ऊपर चढ़कर बच्चों ने सीढ़ी बनाई
इस तरह प्यारे बापू को प्यारी माला पहनाई
- कपिल, इंदौर