Kids Poems %e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b2 %e0%a4%95%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%be %e0%a4%b8%e0%a4%9c%e0%a4%be 113041900031_1.htm

Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

बाल कविता - सजा...

- प्रभुदयाल श्रीवास्तव

Advertiesment
बाल कविता
बच्चों परेशान हो न... जरा-सी चूक हुई नहीं कि मास्टर साहब मुर्गा बना देते हैं, गर्दन टांगों के बीच में और दोनों हाथ कानों पर। क्या करें बहुत पुरानी परंपरा है मुर्गा बनाने की। सदियों से बच्चे मुर्गा बन रहे हैं। हमने खॊज की तो कारण पता लगा। जानना नहीं चाहोगे? तो सुनो...

FILE


एक दिन अप्पू की कॉपी को,
गधेपुत्र ने फाड़ दिया।
क्रोधित हाथी के बच्चे ने,
जंगल पूर्ण उजाड़ दिया।

बड़े गुरुजी भालूजी ने,
गधेपुत्र को बुलवाया।
उसको दंड स्वरूप वहीं पर,
झटपट मुरगा बनवाया।

बोला अगर किसी बच्चे ने,
फाड़ी या गूदी कॉपी।
कड़ा दंड हम देंगे उसको,
नहीं मिलेगी फिर माफी।

तब से लेकर अब तक शिक्षक,
यही सजा दिलवाते हैं।
यदि किसी ने फाड़ी कॉपी,
मुरगा उसे बनाते हैं।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi