मानवता की देख हालतपत्थर-पत्थर रोता हैजीवन में हर घटना के पीछेइक सदस्य छुपा होता है।आंसू और आहों का रिश्ताजब सिसकी से होता हैगम का दरिया बहकरआंसू का सागर होता हैकत्ल किसी का हुआ सड़क परराजा महल में सोता है।...