खिली रोशनी आँगन-द्वार
लंबी-लंबी दीप कतार।
प्यारा है त्योहार दिवाली
दिवाली की बात निराली।
सजी दुकानें सजे हैं घर
चले फुलझड़ी सरर-सरर।
छूटे चक्री उड़े अनार
लंबी-लंबी दीप कतार।
झूठी जिद, नासमझी छोड़ो
रहकर दूर पटाखे फोड़ो।
बारूदी ये बम होते हैं
खतरनाक हरदम होते हैं।
हँसी-खुशी बीते त्योहार
लंबी-लंबी दीप कतार॥