Publish Date: Tue, 08 Feb 2011 (15:00 IST)Updated Date: Tue, 08 Feb 2011 (14:59 IST)
ND
ND
हे विद्या की देवी आपको शत-शत कोटि प्रणाम।।
तू चाहे जिसे बनाए तू चाहे जिसे मिटाए। तेरी कृपा दया से जीवन का सुख पाए।। ज्ञानदायिनी हंसवाहिनी। तेरे दर पे आने भर से करे ज्ञान-विज्ञान प्रदान।
तू ही सबकी भाग्य विधाता। तू ही सबकी बुद्धि प्रदाता।। सुर साहित्य कला का वर पा तुझसे मनुज, मनुज बन पाता।। सब की मति निर्मल कर दो माँ। करें समर्पण, सेवा, दान।।