Publish Date: Mon, 30 Mar 2015 (16:18 IST)
Updated Date: Mon, 30 Mar 2015 (16:21 IST)
टोरंटो। आमतौर पर माना जाता है कि धरती के केंद्र से गिरने में 42 मिनट का समय लगता है जबकि नए अध्ययन के मुताबिक किसी व्यक्ति को धरती के केंद्र से सभी ओर गिरने में मात्र 38 मिनट का समय लगेगा।
धरती से गिरने की पारंपरिक गणना इस आधार पर की गई थी कि हमारे ग्रह की विभिन्न परतों के बीच पाया जाने वाला घनत्व स्थिर रहता है।
नई गणना के अनुसार धरती की विभिन्न परतों के भिन्न घनत्वों को आधार बनाया गया है, जो इस यात्रा के अनुमानित समय में 4 मिनट की बचत करता है।
कनाडा के मैकगिल विश्वविद्यालय के भौतिकी के एक छात्र एलेक्जेंडर लोत्ज ने धरती के वास्तविक भार वितरण के लिए सेसमिक डाटा पर आधारित प्रिलिमनरी रेफरेंस अर्थ मॉडल का अनुसरण किया।
इसमें पाया गया कि धरती की सबसे ऊपरी सतह पर धरती का घनत्व प्रतिघन मीटर 1,000 किलोग्राम से भी कम होता है जबकि 6,371 किलोमीटर की गहराई पर धरती के केंद्र में यह 13,000 किलोग्राम प्रति घनमीटर तक होता है, जबकि केंद्र के गोलक के किनारे पर यह 3,500 किलोग्राम प्रति घनमीटर तक होता है।
'साइंस मैग्जीन' की खबर के अनुसार इसी गुत्थी का सांख्यिक समाधान करते हुए लोत्ज ने पाया कि किसी कण को धरती के केंद्र से गिरने में अनुमानित 42 मिनट 12 सेकंड की बजाय 38 मिनट 11 सेकंड का वक्त लगना चाहिए। यह शोध 'अमेरिकन जर्नल ऑफ फिजिक्स' में प्रकाशित हुआ है। (भाषा)