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अंटार्कटिका पर था डायनासोर का राज

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अंटार्कटिका महाद्वीप
पृथ्वी के दक्षिणी गोलार्ध पर स्थित अंटार्कटिका महाद्वीप को लंबे समय से बंजर माना जाता रहा है लेकिन अर्जेटिना के वैज्ञानिकों का दावा है कि यह महाद्वीप हमेशा ही बर्फ की मोटी चादर के नीचे दफन और बंजर नहीं था और किसी समय में पेड़-पौधों से भरपूर इस महाद्वीप पर शाकाहारी डायनोसोरों का राज रहा होगा।

द साईंस ऑफ नेचर पत्रिका के ताजा अंक में प्रकाशित हुए अर्जेंटिना की राष्ट्रीय वैज्ञानिक एवं तकनीकि शोध परिषद के डॉ. इग्नासियो अलेक्सान्द्रो सेर्दा के शोध में इस बात का खुलासा किया गया है।

डॉक्टर सेर्दा ने बताया है कि सौरापोडा कहलाने वाले ये शाकाहारी डायनोसोरों का उद्भव क्रेटेशियस काल में हुआ था और जल्द ही ये दुनिया के तमाम महाद्वीपों में फैल गए थे। यह पहली बार है जब अंटार्कटिका से सौरापोडा के अवशेष बरामद किए गए हों।

डॉक्टर सेर्दा के शोधपत्र में बताया गया है कि ध्यान से अध्ययन करने पर पता चला कि सौरापोडा श्रेणी के ये डायनोसोर टाईटेनोसोरस नामक एक काफी विकसित डायनोसोर प्रजाति के सदस्य थे। इन्हें डायनोसोरों का आखिरी वंशज भी करार दिया जा सकता है क्योंकि लगभग 6.5 करोड़ वर्ष पहले एक बड़े उल्कापात में डायनोसोरों का खात्मा होने के समय ये मौजूद थे। (वार्ता)

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