कितना बड़ा होता है मछली का दिमाग?
Publish Date: Thu, 03 Jul 2014 (13:10 IST)
Updated Date: Thu, 03 Jul 2014 (13:10 IST)
हम सोचते हैं कि मछली में कितना दिमाग होता होगा लेकिन हमें इस बात का अहसास नहीं है कि मछलियां हमारी सोच से अधिक तेज होती हैं। और हम जितना सोचते हैं गोल्डफिश मछलियां उससे कहीं अधिक होशियार होती हैं। उनकी समझ में बहुत गहराई होती है और अभी तक हम यही मानते थे कि वे किसी चीज को मात्र तीन सेकंड तक ही याद रख सकती हैं, लेकिन वैज्ञानिकों ने इस धारणा को भी गलत सिद्ध कर दिया है। वास्तव में, उन्होंने एक पखवाड़े पहले तक की याद बनी रहती है। यह बात वैज्ञानिकों ने एक अध्ययन में सिद्ध की है। इस अध्ययन के अनुसार वैज्ञानिकों ने अफ्रीका की एक लोकप्रिय मछली सिचलिड्स को मछलीघर के एक खास हिस्से में खाना देने की ट्रेनिंग दी थी। वैज्ञानिकों ने पाया कि दो सप्ताह के अंतराल के बाद जब मछलियों को खाने के लिए छोड़ा तो वे उसी हिस्से में पहुंच गई थीं जिसमें उन्हें भोजन दिया जाता था। एडमांटन, कनाडा की मैकइवान यूनिवर्सिटी के डॉ. ट्रेवर हैमिल्टन का कहना है कि अन्य प्रजातियों की मछलियों की तुलना में सिचलिड्स को एक लाभ हासिल होता है। डॉ. हैमिल्टन ने भी ये प्रयोग किए थे। उनका कहना है कि जो मछलियां यह बात याद रखती हैं कि भोजन कहां है, उन्हें यह बात याद ना रख पाने वाली मछलियों की तुलना में एक विकासपरक लाभ हासिल होता है। अगर उन्हें यह बात याद रहती है कि बिना किसी भय के पानी के एक निश्चित क्षेत्र में भोजन है तो वे फिर से वहीं पहुंच जाएंगी। परीक्षण के दौरान प्रत्येक मछली को मछलीघर में खाना देने के लिए एक निश्चित क्षेत्र बनाया गया था। प्रत्येक ट्रेनिंग सत्र 20 मिनट का था और सिचलिड्स ने तीन दिनों तक अपने क्षेत्र में खाना खाया था। इसके बाद मछलियों को बारह दिनों का ब्रेक दिया गया और इसके बाद उन्हें ट्रेनिंग एरिया में फिर छोड़ दिया गया था। एक मोशन-ट्रैकिंग सॉफ्टवेयर से उनकी गतिविधियों को रिकॉर्ड किया गया। तब यह पाया गया कि मछलियां फिर उसी स्थान पर आ गई थीं जहां उन्हें भोजन मिलता था। सोसायटी फॉर एक्सपेरीमेंटल बायोलॉजी की रिपोर्ट में बताया गया है कि शोधकर्ता इस बात का पता लगा रहे है कि क्या पर्यावरणीय कारणों से मछलियों की याददाश्त प्रभावित होती है।