Publish Date: Mon, 26 Dec 2011 (14:33 IST)
Updated Date: Mon, 26 Dec 2011 (14:33 IST)
भारतीय मूल के एक तंत्रिका विज्ञानी के नेतृत्व में एक दल ने ऐसे जीन की खोज की है जो मावन मस्तिष्क में यादों को संजोने का काम करता है। इस शोध में मस्तिष्क में यादें संजोने वाले स्थान का पता चल गया है।
यह सभी जानते हैं कि हम जैसे ही कोई नई घटना देखते हैं हमारा मस्तिष्क तंत्रिका तंत्रों के संबंधों में बदलाव कर उनकी यादें बना लेता है।
मसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के तंत्रिका विज्ञानियों ने एक जीन ‘एनपीएएस- 4’ का पता लगाया है जो मस्तिष्क में लंबे वक्त तक यादों को संजोने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अध्ययन के निष्कर्ष को जनरल साइंस में प्रकाशित किया गया है। अध्ययन का नेतृत्व एमआईटी स्नातक छात्र कार्तिक राममूर्ति ने किया है। (भाषा)
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