Publish Date: Mon, 22 Nov 2010 (16:49 IST)
Updated Date: Mon, 22 Nov 2010 (16:48 IST)
ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने अनुवांशिक रूप से संवर्धित एक ऐसा जीवाणु विकसित किया है, जो विशेष तरह के गोंद पैदा करके कंक्रीट के ढाँचों में पैदा हुई दरारों को जोड़ सकता है।
इस जीवाणु को न्यूकैसल विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के एक दल ने विकसित किया है। इसके जरिए कंक्रीट के ढाँचों में पैदा हुई दरारों को जोड़ा जा सकता है।
शोधकर्ताओं ने एक विज्ञप्ति में बताया कि एक बार कैल्शियम कार्बोनेट और एक बैक्टीरियाई गोंद के मिश्रण का निर्माण करने के बाद यह तंतुनुमा जीवाणु की कोशिका के साथ जुड़ जाता है, जो इमारत को जोड़ देता है।
अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय विज्ञान प्रतिस्पर्धा के तहत इस जीवाणु को डिजाइन करने वाले शोधकर्ताओं ने कहा कि आखिरकार यह आसपास की कंक्रीट की तरह कठोर हो जाता है।
इस जीवाणु का नाम ‘बैसिलाफिला’ रखा गया है। इसे उन ढाँचों का जीवनकाल बढ़ाने के लिए विकसित किया गया है, जिनका निर्माण करना पर्यावरण की दृष्टि से महँगा होता है। (भाषा)
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