Publish Date: Mon, 29 Nov 2010 (16:34 IST)
Updated Date: Mon, 29 Nov 2010 (16:34 IST)
मध्यप्रदेश में वन विभाग मानवीय परिवेश में पली-बढ़ी दो अनाथ बाघिनों को जंगल के जीवन से रुबरु कराने के लिए उन्हें सुरक्षित बाड़ों निकाल कर जंगल में छोड़ने की तैयारी कर रहा हैं।
पन्ना टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक आरएस मूर्ति ने बताया कि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण नई दिल्ली से विस्तृत विचार-विमर्श के बाद आगामी 6 दिसम्बर को दो बाघिनों को कान्हा टाइगर रिजर्व से पन्ना टाइगर रिजर्व में पुनर्वास के लिए लाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पन्न्ना के जंगलों में पहले से मौजूद बाघ व बाघिनों के मल-मूत्रों को समय समय पर इन अनाथ बाघिनों के कान्हा में गोरेला मैदान में स्थित 7 हेक्टर के सुरक्षित आवास पर छोड़ा गया है ताकि यहाँ आने पर इनकों पन्ना के बाघ-बाघिन बेगाने से न लगें।
उन्होंने बताया कि दो और बाघिनों के आ जाने के बाद पन्ना टाइगर रिजर्व में युवा बाघों की संख्या दो शावकों सहित सात हो जाएगी।
मूर्ति के मुताबिक बाघों की वशंवृद्धि व किन्ही कारणवश अनाथ हुए बाघ के शावकों को दोबारा कुदरती रिहाइश में बसाने की यह प्रयोग भारत में पहली बार हो रहा है। इस प्रयोग से यह देखा जाएगा कि इन बाघिनों को मानवीय परिवेश में शिकार करने की जो विधा सिखाई गई है, वह खुले जंगलों में इन्हें कितनी मददगार साबित होगी व सुरक्षित क्षेत्रों में पालन होने के दौरान खानपान की सिखाई गई आदतों से उबर कर वे कैसे कुदरती आदतों को अपना पाती है।
इन बाघिनों के पन्ना टाइगर रिजर्व में लाने, पुनर्वास व देखभाल की जिम्मेदारी निभा रहे पन्ना टाइगर रिजर्व के संचालक के मुताबिक बाघिनों को पन्ना लाए जाने के सिलसिले में पूरी तैयारी कर ली गई है। उन्होंने बताया कि इसके लिए प्राणी विशेषज्ञों, पशु चिकित्सकों व सहयोगी कर्मचारियों का दल का गठित किया जा चुका है। बाघिनों को बेहोश करके उनके गले में रेडियो कॉलर पहनाने के बाद ही पन्ना लाया जाएगा।
वन विभाग के सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2005 में कान्हा टाइगर रिजर्व में एक बाघिन ने तीन शावकों को जन्म दिया था, लेकिन कुछ ही दिनों बाद उसकी मौत होने से ये शावक अनाथ हो गए थे। इनमें से दोनों मादा शवकों की परवरिश कान्हा के जंगलों में ही हुई जबकि नर शावक की परवरिश भोपाल स्थित वन विहार में हो रही है।
गौरतलब है कि पन्ना टाइगर रिजर्व पिछले कई सालों से बाघ विहीन हो जाने की वजह से सुखिर्यों में बना रहा है। पन्ना टाइगर रिजर्व को बाघों से एक बार फिर गुलजार बनाने के लिए दूसरे टाइगर रिजर्व से बाघों को लाए जाने के सरकारी प्रयास चल रहे हैं। (भाषा)
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