Publish Date: Fri, 03 Dec 2010 (19:04 IST)
Updated Date: Fri, 03 Dec 2010 (19:04 IST)
पश्चिम बंगाल में हुई हाथियों की गणना में इनकी संख्या में बढ़ोतरी होने के आँकड़े मिले हैं।
ऐसे समय में जब देश के कई जंगलों में अवैध शिकार के पर्याप्त मामले सामने आए हैं तब बंगाल में हाथियों की संख्या में इजाफे की खबर पर्यावरण प्रेमियों के लिए बेहद सुखद है।
उत्तरी बंगाल के वन संरक्षक (वन्यजीव) और गणना के समन्वयक वी.के.सूद ने बताया कि हालाँकि अभी तक गणना की रिपोर्ट पूरी तरह तैयार नहीं हुई है लेकिन यह कहा जा सकता है कि राज्य के उत्तरी क्षेत्र में हाथियों की संख्या बढ़ गई है। हाथियों की संख्या अब 500 से अधिक है जबकि 2007 में इनकी संख्या मात्र 350 के आसपास ही थी।
वर्ष 2005 में इस क्षेत्र में हाथियों की संख्या 390 थी। यह संख्या 2007 में हाथियों के इस क्षेत्र से हटकर दूसरे क्षेत्रों में पहुँचने के कारण घट गई थी। सूद ने बताया कि इस कारण से इस बार की हाथियों की गणना में ग्लोबल पोजीशनिंग सिस्टम (जीपीएस) के साथ डायरेक्ट सिटिंग सिस्टम जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया।
सूद ने बताया कि इस बार बडी संख्या में हाथी बैकुण्ठपुर वन्य रेंज और महानंदा अभयारण्य में मिले। इतना ही नहीं हाथ इस बार कुछ नये क्षेत्रों, जैसे कालिमपोंग वन्य रेंज के अन्तर्गत गरुबथन और सामसिंग वन्य क्षेत्रों में भी मिले। (वार्ता)