Knowledge And Science %e0%a4%ac%e0%a4%a2%e0%a4%bc%e0%a4%a4%e0%a5%80 %e0%a4%89%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0 %e0%a4%95%e0%a5%87 %e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a5 %e0%a4%b8%e0%a5%8b%e0%a4%9a%e0%a4%a8%e0%a5%87 %e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82 %e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80 111041400012_1.htm

Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

बढ़ती उम्र के साथ सोचने में परेशानी

Advertiesment
वैज्ञानिक
उम्रदराज लोगों में एक साथ कई काम को करने की क्षमता हमेशा कम होती है और यह बात हमें चौंकाती है कि आखिर वह इसे बेहतर ढंग से क्यों नहीं कर पाते। दरअसल इस का सीधा संबंध दिमाग की गतिविधि से हैं।

वैज्ञानिकों के मुताबिक उम्र बढ़ने के साथ लोग सीनियर मोमेंट्स से पीड़ित हो जाते हैं। इसका सीधा मतलब होता है कि उम्र के साथ मानव मस्तिष्क की क्रियाविधि मंद पड़ जाती है और विभिन्न कार्यों को करने के दौरान दिमाग को जो संदेश प्राप्त होता है उस दौरान उसे एक से दूसरे संदेश में जाने की प्रक्रिया काफी धीमी हो जाती है।

कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया कि उम्रदराज लोगों का दिमाग व्यवधान पड़ जाने की स्थिति में पहले वाली स्थिति में बहुत आसानी से नहीं आ पाता है।

टेलिग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक समय गुजरने के साथ उनकी सोचने की वास्तविक क्षमता का ह्रास होता चला जाता है।

शोधकर्ताओं ने इस प्रयोग के लिए चालीस लोगों का चयन किया जिनमें से आधे की उम्र 70 साल से अधिक थी जबकि आधे की उम्र 25 साल के आस पास थी। (भाषा)

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi