Publish Date: Mon, 17 Jan 2011 (16:52 IST)Updated Date: Mon, 17 Jan 2011 (16:49 IST)
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अगर आपको चॉकलेट पसंद हैं तो अब आपके पास उसे खाने का एक बेहतरीन बहाना है। वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि चॉकलेट लगातार हो रही खाँसी के लिए अच्छा इलाज है।
द डेली टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन की दवा बनाने वाली कंपनी एसईईके ने ‘कोका’ में एक ऐसा प्राकृतिक तत्व खोजा है जो गले में होने वाले खराश के कारणों को दूर कर सकता है।
फिलवक्त खराशों को नियंत्रित करने वाली दवाओं (कफ सिरप) में कोडिन नामक नशे का प्रयोग होता है।
वैज्ञानिक ‘थियोब्रोमिन’ पर आधारित दवा बनाने में जुटे हुए हैं। इसके बारे में उनका कहना है कि इसमें लगातार खाँसी उत्पन्न करने वाली वैगस तंत्रिकाओं में हो रही परेशानियों को दूर करने की क्षमता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि थियोब्रोमिन कोका से बने उत्पादों में काफी मात्रा में पाया जाता है।
प्रोफेसर एलेन मॉरिस का कहना है, 'फिलहाल बाजार में उपलब्ध नशा आधारित दवाओं जैसे कोडिन के नुकसान को देखते हुए हमें एक नशा रहित दवा की सख्त जरूरत है, जिससे रोगियों में जल्दी सुधार हो सके।
उन्होंने कहा, 'वैसे तो सैद्धांतिक रूप से यह तय हो चुका है कि एक डार्क चॉकलेट में काफी मात्रा में थियोब्रोमिन मिलता है मगर शोध में अभी भी इसकी सही खुराक तय होना बाकी है।