Publish Date: Fri, 24 Feb 2017 (18:42 IST)
Updated Date: Fri, 24 Feb 2017 (18:44 IST)
नई दिल्ली। बैड बैंक की स्थापना से देश के बैंकिंग क्षेत्र में फंसे कर्ज की समस्या का समाधान करने में तेजी आएगी लेकिन इसके साथ ही सरकार की तरफ से क्षेत्र में विश्वसनीय ढंग से पूंजी डालने का काम भी होना चाहिए। वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने यह बात कही है।
एजेंसी ने कहा है कि देश के बैंकों के समक्ष उनकी संपत्ति गुणवत्ता की बड़ी समस्या खड़ी है। इससे उनके मुनाफे और पूंजी पर काफी दबाव पड़ रहा है। इसके साथ ही इससे उनकी कर्ज देने की क्षमता में भी अड़चन खड़ी हो रही है। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की कर्ज में फंसी राशि (एनपीए) को खरीदकर एक बैड बैंक में रखने का विचार हाल ही में जारी आर्थिक सर्वेक्षण में दिया गया है।
फिच रेटिंग ने एक वक्तव्य में कहा है कि एक बैड बैंक बनाने से भारत के बैंकिंग क्षेत्र में फंसे कर्ज का समाधान तेज हो सकता है लेकिन इसमें कई तरह की सुविधा संबंधी समस्याएं सामने आ सकतीं हैं। इसके साथ ही सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में पूंजी की कमी को दूर करने के लिए एक विश्वसनीय पुनर्पूंजीकरण कार्यक्रम भी चलाना होगा। (भाषा)
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Publish Date: Fri, 24 Feb 2017 (18:42 IST)
Updated Date: Fri, 24 Feb 2017 (18:44 IST)