Publish Date: Thu, 10 May 2018 (08:56 IST)
Updated Date: Thu, 10 May 2018 (09:03 IST)
नई दिल्ली। वॉलमॉर्ट ने एक लाख करोड़ में फ्लिपकार्ट का अधिग्रहण कर लिया है। यह देश के ई-कॉमर्स क्षेत्र की सबसे बड़ी डील है। इस डील के बाद भारतीय ई कॉमर्स बाजार में तीन अमेरिकी कंपनियों के बीच नई जंग देखने को मिलेगी।
इस डील के बाद अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनी ईबे ने कहा कि उसकी फ्लिपकार्ट में अपनी हिस्सेदारी लगभग 1.1 अरब डालर में बेचने की योजना है।
कंपनी का कहना है कि वह अपने पोर्टल ईबे इंडिया को फिर शुरू करेगी जो कि सीमापारीय व्यापार अवसरों पर केंद्रित होगी। ईबे ने एक बयान में कहा कि उसने इस बारे में फ्लिपकार्ट व वालमार्ट को सूचित कर दिया है।
फिर शुरू हो सकता है प्राइस वॉर : अधिग्रहण के बाद वॉलमार्ट का मुकाबला अमेजन से होगा। ईबे द्वारा फिर व्यापार शुरू करने की घोषणा के बाद भारतीय ई-कॉमर्स बाजार में फिर प्राइस वॉर शुरू हो सकता है। कहा जा रहा है कि 10 साल बाद देश का ई कॉमर्स बाजार 13 लाख 40 हजार करोड़ का हो जाएगा।
जानिए क्या है इस सौदे में खास : फ्लिपकार्ट के सह संस्थापक सचिन बंसल अपनी हिस्सेदारी बेचकर कंपनी से बाहर हो गए। हालांकि बिन्नी बंसल, माइक्रोसॉफ्ट, टेनसेंट और टाइगर ग्लोबल शेयरधारक के तौर पर कंपनी में बने रहेंगे।