Publish Date: Tue, 13 Jun 2017 (17:23 IST)
Updated Date: Tue, 13 Jun 2017 (18:15 IST)
नई दिल्ली। देश में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू करने में विलंब होने की आशंकाओं को खारिज करते हुए सरकार ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि यह एक जुलाई से ही लागू होगा।
जीएसटी के लागू किए जाने में विलंब की अफवाहों के सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद सरकार ने यहां जारी एक बयान में साफ-साफ शब्दों में कहा कि यह एक जुलाई से ही लागू होगा और केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) राज्य सरकारों के साथ मिलकर कारोबारियों के लिए बड़े पैमाने पर आउटरीच कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। जीएसटी को शीघ्र ही अधिसूचित किया जाएगा।
इस बीच राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने जीएसटी से जुड़ी अफवाहों के मद्देजनर ट्वीट किया कि जीएसटी को लागू करने में देरी की बात अफवाह मात्र है। इससे भ्रमित होने की जरूरत नहीं है।
पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने जीएसटी के लिए तैयारियां पूरी नहीं होने तथा वर्तमान स्वरूप में इसे स्वीकार नहीं किए जाने का हवाला देते हुए इसको कम से कम एक महीने टालने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि पश्चिम बंगाल वर्तमान स्वरूप में जीएसटी को स्वीकार नहीं करेगा। हालांकि, कुछ राज्यों को छोड़कर अधिकांश इससे जुड़े कानून पारित कर चुके हैं। मित्रा ने इस मुद्दे को जीएसटी परिषद की 15वीं बैठक में भी उठाया था।
वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा कि जीएसटी अपनाने के लिए करदाताओं के वास्ते इसके लिए पंजीयन फिर से शुरू किया गया है। इसके साथ ही जीएसटी को एक जुलाई से सरलतापूवर्क लागू करने के लिए तैयारियां जोरशोर से जारी हैं। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने पिछले सप्ताह कहा था कि जीएसटी को लागू करने की तिथि एक जुलाई से आगे बढ़ाए जाने को कोई कारण नहीं है। उन्होंने कहा कि करदाता आधार बढ़ने के मद्देनजर शुरुआत में कुछ समस्यायें हो सकती हैं।
जेनरिक दवाओं पर असर नहीं : रसायन एवं उर्वरक मंत्री अनंत कुमार ने आज कहा कि यह प्रयास किया जाएगा कि वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) का असर जेनरिक दवाओं के मूल्यों पर नहीं हो। कुमार ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर का असर जेनरिक दवाओं के मूल्य पर नहीं हो इस संबंध में वह वित्त मंत्री अरुण जेटली से बात करेंगे। उन्होंने कहा कि रेलवे स्टेशनों, रेलवे के अस्पतालों और औषधालयों में जन औषधि केन्द्र खोलने को लेकर उनकी रेल मंत्री सुरेश प्रभु से बातचीत हुई है और इस सिलसिले में फार्मा विभाग तथा रेलवे के बीच जल्दी ही समझौता किया जाएगा।