Publish Date: Thu, 18 May 2017 (21:41 IST)
Updated Date: Thu, 18 May 2017 (21:43 IST)
श्रीनगर। देश में एक राष्ट्र, एक कर की अवधारणा को साकार करने के उद्देश्य से 1 जुलाई से वस्तु
एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था लागू करने की चल रही तैयारियों के बीच जीएसटी परिषद ने छ: वस्तुओं को छोड़कर सभी 1211 वस्तुओं की दरें तय कर दी हैं। वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में यहां चल रही जीएसटी परिषद की दो दिवसीय बैठक के पहले दिन आज इन वस्तुओं पर कर की दरें तय की गईं जिसमें 81 प्रतिशत वस्तुओं पर जीएसटी दर 18 फीसदी से कम है। मात्र 19 फीसदी पर ही 18 फीसदी से अधिक जीएसटी दर है।
जेटली ने बैठक के बाद कहा कि परिषद ने जीएसटी के सात नियमों को अनुमोदित कर दी है और ट्रांजिसन और रिटर्न से जुड़े दो नियमों की विधि समिति द्वारा जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि परिषद की कल होने वाली बैठक में सेवाओं की कर दरों के साथ ही छूट वाली वस्तुओं की सूची को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। इसमें सोना और बीड़ी पर भी जीएसटी कर दर तय होने की संभावना है। यदि कल की बैठक में जिन-जिन मुद्दो पर चर्चा होनी है आम सहमति नहीं बनती है तो परिषद की एक और बैठक हो सकती है।
राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने जीएसटी कर दर की जानकारी देते हुए कहा कि कोयले पर जीएसटी दर पांच फीसदी तय की गयी है जबकि वर्तमान में यह 11.69 प्रतिशत है। इसी तरह से चीनी, चाय, कॉफी, खाद्य तेल पर भी पांच फीसदी जीएसटी लगेगा। 60 फीसदी वस्तुओं पर 12से 18 फीसदी जीएसटी लगेगा। केश तेल, साबुन, टूथपेस्ट पर जीएसटी दर 18 प्रतिशत है। अनाजों को जीएसटी कर से अलग रखा गया है जबकि अभी इस पर पांच प्रतिशत कर है। दूध को भी जीएसटी कर से मुक्त रखा गया है।
कई राज्यों के वित्त मंत्रियों ने पूजा सामग्रियों, रेशमी धागा और हस्तशिल्प जैसे उत्पादों को जीएसटी से छूट देने की मांग की है लेकिन श्री जेटली ने कहा कि जरूरत पड़ने पर और कम से कम वस्तुओं को ही जीएसटी के तहत छूट दी जानी चाहिए। वित्त मंत्री ने भरोसा दिलाया है कि जीएसटी लागू होने से महंगाई नहीं बढ़ेगी। (वार्ता)