Publish Date: Sun, 10 Jan 2016 (17:51 IST)
Updated Date: Sun, 10 Jan 2016 (17:55 IST)
नई दिल्ली। कच्चे तेल में नरमी से खाड़ी देश की अर्थव्यवस्थाओं के प्रभावित होने के मद्देनजर भारत को आने वाले मनीऑर्डर (रेमिटंस यानी विदेशों से भारतीयों द्वारा भेजे जाने वाले धन) पर भारी असर होगा। यह बात रविवार को उद्योग मंडल एसोचैम ने कही।
एसोचैम के एक विश्लेषण में कहा गया है कि इसका असर केरल में सबसे अधिक देखा जाएगा, जहां लगभग हर दूसरा परिवार मनीऑर्डर पर निर्भर है, जो ज्यादातर खाड़ी देशों से आता है। पंजाब व उत्तरप्रदेश जैसे राज्य भी प्रभावित हो सकते हैं, जहां से भारी संख्या में श्रमबल विदेश काम करने जाता है।
गौरतलब है कि 110 देशों में फैले करीब 2 करोड़ प्रवासी भारतीयों में से करीब 60-70 लाख खाड़ी राज्यों में हैं जिनमें से करीब 20 लाख केरल से हैं।
उद्योग मंडल ने कहा कि कच्चे तेल में नरमी से बड़े तेल उत्पादकों में कीमत युद्ध शुरू हो गया है और कीमत 11 साल के न्यूनतम स्तर से नीचे आ गई है। खाड़ी क्षेत्र की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की वित्तीय स्थिति पर भारी दबाव है।
एसोचैम ने कहा कि इसके अलावा ऊर्जा क्षेत्र में ताजा निवेश रुक गया है और निर्माण, पर्यटन, रीयल एस्टेट, बैंकिंग एवं वित्त जैसे विभिन्न क्षेत्रों पर नकारात्मक असर हुआ है। (भाषा)