Publish Date: Mon, 12 Jun 2017 (13:41 IST)
Updated Date: Mon, 12 Jun 2017 (13:45 IST)
मुंबई। रिलायंस इंडस्ट्रीज दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी पैरा साइलीन उत्पादक कंपनी बन गई है। जामनगर के पैरा-साइलीन (पीएक्स) कॉम्प्लेक्स में पैरा-साइलीन की अंतिम क्रिस्टलाइजेशन ट्रेन (ट्रेन 3) का सफल और त्रुटिहीन शुरुआत कर दी गई है।
उल्लेखनीय है कि यह संयंत्र बीपी की सर्वश्रेष्ठ उर्जा हितैषी अत्याधुनिक तकनीक पर आधारित है। इस संयंत्र के चालू होने से रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की पीएक्स क्षमता दोगुने से भी अधिक हो गई है। इस तरह यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा पीएक्स निर्माता बन गया हैं और यहां पर वैश्विक उत्पादन का करीब 11 फीसदी उत्पादन होता है।
पूर्व चौथे भाग में समूचे पीएक्स स्थापना करने और मशीनी पूर्णता को हासिल करने के दौरान रिलायंस ने दूसरे दौर पीएक्स दौर की शुरुआत की जिससे दूसरी क्रिस्टलाइजेशन ट्रेन (ट्रेन2) शुरू हो सकी। इस दूसरी ट्रांस-अल्कीलेशन और एरोमैटिक एक्सट्रेक्शन यूनिट्स ने यह काम अप्रैल 2017 को जामनगर में पूरा कर लिया था, ट्रेन 3, जिसके जरिए कमीशनिंग की आधुनिक स्तर को अब सफलतापूर्वक प्राप्त किया गया है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के बारे में : रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) भारत का दूसरी सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की कंपनी है, जिसका समन्वित कारोबार भारतीय रुपए में 330,180 करोड़ (या 50.9 बिलियन डॉलर है)। कंपनी का नकद लाभ भारतीय रुपए में 42,800 करोड़ (डॉलर 6.6 बिलियन) और सकल लाभ की राशि भारतीय रुपए में 29,901 करोड़ (4.6 बिलियन) रहा है जो कि 31 मार्च, 2017 के दौरान रहा।
आरआईएल भारत की पहली ऐसी निजी कंपनी है जिसने फॉरच्यून'स ग्लोबल 500 कंपनियों की सूची में दुनिया के सबसे बड़े कॉरपोरेशंस में स्थान बनाया है। वर्तमान में राजस्व अर्जित करने के मामले में यह 215 और लाभदेयता के मामले में 126वीं कंपनी है। आरआईएल 'फॉर्ब्स ग्लोबल 2000 रैंकिंग्स वर्ष 2017' के दौरान 106 वें स्थान पर रही। उल्लेखनीय है कि यह भारतीय कंपनियों में शीर्षस्थ है।
आरआईएल लिंक्डइन की वर्ष 2017 की उन कंपनियों में 10 वें स्थान पर है जो कि अब भारत में काम करना चाहती है। फाइनेंशियल टाइम्स की एफटी ग्लोबल 500 की सूची में दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार है। कंपनी की गतिविधियों में स्पान हाइड्रोकार्बन की खोज और उत्पादन, पेट्रोलियम रिफाइनिंग और मार्केटिंग, पेट्रोकेमिकल्स, रिटेल और 4जी डिजिटल सेवाओं का प्रसार शामिल है।
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Updated Date: Mon, 12 Jun 2017 (13:45 IST)