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महंगाई के दबाव से सेंसेक्स धराशायी

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मुंबई। अप्रैल में खुदरा महंगाई उम्मीद से अधिक बढ़ने से रिजर्व बैंक के ब्याज दरों को यथावत रखने की आशंका से हतोत्साहित निवेशकों की चौतरफा बिकवाली से शुक्रवार को शेयर बाजार में कोहराम मच गया।
बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स करीब साढ़े पांच सप्ताह की एक दिन की सबसे बड़ी 300.65 अंक (1.17 प्रतिशत) की गिरावट लेकर 25489.57 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 85.50 अंक अर्थात 1.08 प्रतिशत लुढ़ककर 7814.90 अंक पर रहा। आईटीसी, टाटा मोटर्स और एशियन पेंट्स की 1.70 फीसदी तक की तेजी को छोड़कर सेंसेक्स की 27 कंपनियों के शेयर लुढ़के।
 
रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि कोर महंगाई कम नहीं हो रही है और अप्रैल में इसका स्तर लक्ष्य से कुछ ज्यादा रहा। गुरुवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में खुदरा महंगाई बढ़कर तीन महीने के उच्चतम स्तर 5.39 प्रतिशत पर पहुँच गई। खाद्य पदार्थों की मँहगाई दर भी 6.32 प्रतिशत पर पहुंच गई जो इस साल जनवरी के बाद का उच्चतम स्तर है। ऐसे में ब्याज दरों में और कटौती की उम्मीद कमजोर पड़ने से निवेशक खासे निराश हुए और बाजार पर दबाव बना।
 
एशियाई बाजारों की गिरावट का असर भी घरेलू बाजार में निवेशकों पर पड़ा। जापान का निक्की 1.41, हांगकांग का हैंगसैंग 0.99, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.53, चीन का शंघाई कंपोजिट 0.30 और ब्रिटेन का एफटीएसई 0.54 फीसदी लुढ़क गया। वहीं, बीएसई की छोटी और मझौली कंपनियों में हुई बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बनाया। मिडकैप 0.58 फीसदी गिरकर 11156.07 अंक और स्मॉलकैप 0.25 फीसदी उतरकर 11113.30 अंक पर रहा।
 
बीएसई के सभी 19 समूहों के शेयर टूटे। सबसे अधिक 2.07 फीसदी की गिरावट रियल्टी समूह में रही। इसके अलावा बेसिक मैटेरियल्स, ऊर्जा, वित्त, दूरसंचार, ऑटो, बैंकिंग, पूँजीगत वस्तुयें, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और धातु समूह के शेयर भी 2.04 फीसदी तक गिरे। बीएसई में कुल 2722 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ। इनमें 1496 में बिकवाली और 1053 में लिवाली हुई जबकि 173 के भाव अपरिवर्तित रहे। (वार्ता)

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