Publish Date: Tue, 05 Jan 2016 (10:47 IST)
Updated Date: Tue, 05 Jan 2016 (11:47 IST)
नई दिल्ली। ट्रेड यूनियनों ने सरकार से व्यक्तिगत आयकर छूट सीमा बढ़ाकर पांच लाख रुपए तथा न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 18,000 रुपए करने की मांग की। इसके साथ ही यूनियनों ने सभी के लिए न्यूनतम मासिक पेंशन बढ़ाकर 3000 रुपए करने की भी मांग की है जबकि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा मुहैया कराने की जरूरत रेखांकित की।
वित्त मंत्री जेटली के साथ यहां बजट पूर्व चर्चा के दौरान 11 केंद्रीय श्रमिक संगठनों ने अपने 15 सूत्री ज्ञापन में उक्त मांगे उठाई। यूनियनों ने तमिलनाडु में हाल ही कि बाढ़ प्रभावितों के लिए विशेष पैकेज देने की मांग भी की।
आगामी वित्त वर्ष 2016-17 का केंद्रीय बजट फरवरी के आखिर में संसद में पेश किया जाना है जो एक अप्रैल 2016 से लागू होगा।
भारतीय मजदूर संघ के मंडल संगठन सचिव पवन कुमार ने बैठक के बाद कहा कि हमने 18,000 रुपए प्रति माह के न्यूनतम वेतन की मांग की है जो 15,000 रुपए की पूर्व मांग से अधिक है। उन्होंने कहा कि सातवें वेतन आयोग ने केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 18,000 रुपए न्यूनतम मासिक वेतन की सिफारिश की है और यह मानक होना चाहिए।
वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार जेटली ने कहा कि असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती है और सरकार मौजूदा समय में इससे निपटना चाहती है जबकि देश में असंगठित क्षेत्र बहुत तेजी से बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि निर्माण क्षेत्र के श्रमिकों, पलायन करके आए श्रमिकों व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता जैसी विभिन्न योजनाओं के स्वयंसेवकों को स्वास्थ्य व सामाजिक सुरक्षा लाभ सुनिश्चित करना मौजूदा सरकार के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक है। (भाषा)