Publish Date: Sun, 25 Jun 2017 (21:31 IST)
Updated Date: Sun, 25 Jun 2017 (22:06 IST)
नई दिल्ली। रोजगार बाजार को नई जीएसटी व्यवस्था से एक बड़ी तेजी की आस है तथा उसे कराधान, लेखांकन और डाटा एनालायसिस जैसे विशेषज्ञ क्षेत्रों समेत विविध क्षेत्रों में तत्काल 1 लाख रोजगार मौकों की उम्मीद है।
1 जुलाई से लागू होने जा रही जीएसटी व्यवस्था से औपचारिक रोजगार क्षेत्र को 10-13 फीसदी की वार्षिक वृद्धि हासिल करने में मदद मिलने की संभावना है। इससे अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में पेशेवरों की मांग बढ़ सकती है।
इंडियन स्टाफिंग फेडरेशन की अध्यक्ष रितपूर्णा चक्रवर्ती ने कहा कि जीएसटी से वस्तुओं और सेवाओं की खरीद एवं वितरण तेज हो जाएंगे तथा मुनाफे में भी सुधार आएगा।
उन्होंने कहा कि इन सभी बातों और अनुपालन की पारदर्शिता से असंगठित क्षेत्र में काम करना बहुत कम आकर्षक हो जाएगा तथा देश और अधिक औपचारिककरण की ओर बढ़ेगा। चक्रवर्ती ने कहा कि हम जीएसटी की बुनियाद पर औपचारिक क्षेत्र में 10-13 फीसदी की वार्षिक वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं।
जानी-मानी सर्च कंपनी ग्लोबल हंट के प्रबंध निदेशक सुनील गोयल ने कहा कि अनुमान के तौर पर ऐसा जान पड़ता है कि जीएसटी के लागू होने की तारीख से पहली तिमाही में तत्काल 1 लाख से अधिक नौकरियां पैदा होंगी तथा अतिरिक्त 50,000-60,000 नौकरियां जीएसटी से जुड़ी विशिष्ट गतिविधियों के लिए पैदा होंगी। (भाषा)