Publish Date: Sat, 11 Jul 2015 (13:47 IST)
Updated Date: Sat, 11 Jul 2015 (14:08 IST)
हर साल भारत के सबसे बड़े शिक्षण संस्थान आईआईटी के लिए हजारों विद्यार्थियों का चयन होता है, चूंकि यह परीक्षा देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक है।
ऐसे में इन संस्थानों में प्रवेश पाने वाले कई विद्यार्थी मान बैठते हैं कि आईआईटी में चयन से ही वे इंजीनियर बन जाएंगे। लेकिन ऐसा सोचना बिल्कुल गलत है।
हाल ही में आईआईटी रुड़की ने कड़े कदम उठाते हुए संस्थान के 73 छात्रों को बाहर का रास्ता दिखा दिया। इनको इसलिए बाहर निकाला गया क्योंकि बीटैक प्रथम साल की परीक्षा में ये बेहद कम अंक लेकर पास हुए थे।
जी हां इन विद्यार्थियों की सीजीपीए 5 व इससे कम थी। जिसके चलते बुधवार को आईआईटी खड़गपुर ने इस संबंध में कड़े कदम उठाते हुए इन विद्यार्थियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया।
आपको बता दें कि आईआईटी में एडमिशन लेने के पहले इन विद्यार्थियों के माता-पिता ने एक दस्तावेज साइन किया था जिसमें उनके बच्चों के खराब प्रदर्शन के चलते संस्थान से बाहर किए जाने का जिक्र भी किया गया था। उस दस्तावेज को संज्ञान में लेते हुए ही संस्थान ने यह कार्यवाही की है। हालांकि देश के सबसे बड़े प्रोद्योगिकी संस्थान में से एक यह आईआईटी में पहला मामला है जब एक साथ 73 स्टूडेंट्स की आईआईटी से रवानगी कर दी गई हो।
इसके पहले भी 2006 में एक आईआईटी में कुछ विद्यार्थियों के परीक्षा में खराब प्रदर्शन को लेकर उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया था, लेकिन बाद में उन्हें वापस ले लिया गया था।