Publish Date: Wed, 31 Jul 2019 (15:46 IST)
Updated Date: Wed, 31 Jul 2019 (15:51 IST)
बर्मिंघम। विश्व कप में जीत के बाद इंग्लैंड गुरुवार से यहां ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू हो रही एशेज टेस्ट श्रृंखला भी जीतकर घरेलू सत्र का अंत दोहरी सफलता के साथ करना चाहेगा।
विश्व कप अगर 50 ओवर के प्रारूप की शीर्ष प्रतियोगिता है तो टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के लिए एशेज से बढ़कर कुछ नहीं है। पिछले कई वर्षों में यह इंग्लैंड के लिए सबसे महत्वपूर्ण घरेलू सत्र है और उसने इसकी शुरुआत पहली बार विश्व कप जीतकर की।
विश्व कप जीत से इंग्लैंड में क्रिकेट के समर्थकों की संख्या में इजाफा हुआ है और एशेज में जीत इन नए समर्थकों को जोड़े रखने में महत्वपूर्ण होगी।
दूसरी तरफ टिम पेन के नेतृत्व में ऑस्ट्रेलिया एशेज श्रृंखला जीतकर दक्षिण अफ्रीका में पिछले साल गेंद से छेड़छाड़ प्रकरण को पीछे छोड़ने का प्रयास करेगा जिसके कारण पूर्व कप्तान स्टीव स्मिथ, डेविड वॉर्नर और कैमरन बेनक्राफ्ट को प्रतिबंध का सामना करना पड़ा था।
एजबस्टन में इन तीनों बल्लेबाजों के खेलने की उम्मीद है और बेनक्राफ्ट को उसी तरह की हूटिंग का सामना करना पड़ सकता है जैसी विश्व कप के दौरान वॉर्नर और स्मिथ को झेलनी पड़ी थी। ऑस्ट्रेलियाई टीम 19 साल से इंग्लैंड में एशेज श्रृंखला जीतने में नाकाम रही और उसके बल्लेबाजों को सीम गेंदबाजी की अनुकूल पिचों पर ड्यूक गेंद के सामने जूझना पड़ा है।
ऑस्ट्रेलियाई टीम इसके बावजूद पहले टेस्ट में कोई प्रथम श्रेणी मैच खेले बिना उतरेगी। बेनक्राफ्ट जैसे खिलाड़ियों को हालांकि स्थानीय हालात का अनुभव है जो काउंटी टीम डरहम की कप्तानी करते हैं।
विश्व कप के स्टार खिलाड़ियों की मौजूदगी वाली इंग्लैंड की टीम को पिछले हफ्ते आयरलैंड ने लॉर्ड्स पर एकमात्र टेस्ट की पहली पारी में सिर्फ 85 रन पर ढेर कर दिया था जिससे टीम के शीर्ष क्रम की कमजोरी उजागर होती है। इंग्लैंड हालांकि आयरलैंड के खिलाफ टेस्ट जीतने में सफल रहा था।
इंग्लैंड के कप्तान जो रूट की दोबारा तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने की योजना है जिससे कि सरे के रोरी बर्न्स और जेसन राय की नई सलामी जोड़ी की मौजूदगी वाले शीर्ष क्रम को मजबूत मिल सके। ऑस्ट्रेलिया को तेज गेंदबाजों जेम्स पेटिन्सन और पैट कमिंस की मौजूदगी वाले अपने गेंदबाजी आक्रमण से काफी उम्मीदें हैं।
इंग्लैंड के गेंदबाजी आक्रमण की कमान एक बार फिर जेम्स एंडरसन के हाथों में होगी जो अब एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेलते। टीम को इसके अलावा दोबारा उप कप्तानी हासिल करने वाले बेन स्टोक्स से प्रभावी प्रदर्शन की उम्मीद होगी।
ऑस्ट्रेलिया 2001 से एजबस्टन पर किसी भी प्रारूप का मैच नहीं जीत पाया है। विश्व कप सेमीफाइनल में भी इंग्लैंड ने राय की 85 रन की पारी की बदौलत उसे यहां हराया था। दूसरी तरफ इंग्लैंड ने इस मैदान पर अपने पिछले 11 अंतरराष्ट्रीय मैच जीते हैं। इस श्रृंखला के साथ दोनों टीमों के लिए आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की शुरुआत भी होगी। (भाषा)