Publish Date: Fri, 22 Sep 2017 (14:54 IST)
Updated Date: Fri, 22 Sep 2017 (14:58 IST)
कोलकाता। भुवनेश्वर कुमार हमेशा से गेंद को स्विंग कराने का फन जानते थे लेकिन अब डैथ ओवरों में रफ्तार मिलने से अपने आपको अधिक मुकम्मल गेंदबाज मानते हैं। भुवनेश्वर ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गुरुवार को 6.1 ओवरों में 9 रन देकर 3 विकेट लिए जिनमें डेविड वॉर्नर का विकेट भी शामिल है।
भुवनेश्वर ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि जब मैं पहली बार टीम में आया तो मुझे स्विंग गेंदबाजी के अनुकूल हालात की जरूरत होती थी। पदार्पण के 1 साल बाद मैं अपनी रफ्तार बढ़ाना चाहता था लेकिन पता नहीं था कि कैसे करूं। उन्होंने अपनी रफ्तार बढ़ाने का श्रेय अनुकूलन कोच शंकर बासु को दिया।
उन्होंने कहा कि शंकर बासु ने मुझे अलग-अलग तरह के प्रशिक्षण से अवगत कराया जिससे मेरी काफी मदद हुई। अपने स्पैल के बारे में उन्होंने कहा कि मैंने इस तरह की गेंदबाजी की रणनीति बनाई थी। पहली गेंद फेंकते ही मुझे पता चल गया कि गेंद को स्विंग मिल रही है।
उन्होंने कहा कि मुझे पता था कि वॉर्नर अच्छे आउटस्विंगर्स का सामना नहीं कर पाएंगे, मैंने इसलिए उन्हें ऑफ स्टम्प के बाहर गेंद डाली। आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद टीम में वॉर्नर के साथ खेलने का अनुभव भी उनके काम आया।
उन्होंने कहा कि मुझे पता था कि उनकी ताकत और कमजोरियां क्या हैं? आईपीएल से इसका पता चल जाता है लेकिन उनके खिलाफ सही रणनीति बनाना जरूरी था। उमेश यादव और मोहम्मद शमी के बाहर होने से भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई का जिम्मा भुवनेश्वर पर आ गया है लेकिन वे इसे इस नजरिए से नहीं देखते।
उन्होंने कहा कि मैं यह नहीं कहूंगा कि मैं प्रीमियर गेंदबाज हूं, क्योंकि हम सभी काफी मेहनत कर रहे हैं और जिसको भी मौका मिलता है, वह अच्छा प्रदर्शन करना चाहता है। सहयोगी स्टाफ भी काफी मेहनत कर रहा है। गेंदबाजों के कार्यभार का भी ध्यान रखा जा रहा है। (भाषा)