Publish Date: Tue, 21 Feb 2017 (12:26 IST)
Updated Date: Tue, 21 Feb 2017 (12:33 IST)
क्रिकेट के छोटे प्रारूप में सबसे सफल कप्तान माने जाने वाले पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और उनकी पुणे आईपीएल टीम के मालिक के बीच खेल की नीति और खिलाड़ियों के चुनाव पर गहरे मतभेद थे। टीम मालिक धोनी की सलाह भी नहीं मानते थे।
अब तक धोनी आईपीएल के सबसे सफल कप्तान साबित हुए हैं, जिनकी कप्तानी में चेन्नई सुपर किंग्स टीम ने आठ संस्करण में हर बार प्लेऑफ में जगह बनाई और दो बार खिताब भी अपने नाम किया। लेकिन आईपीएल 10 के शुरू होने से पहले ही राइजिंग पुणे सुपरजाएंट्स टीम की कमान धोनी से छीनकर ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ को दे दी गई।
टीम के मालिक संजीव गोएनका ने मीडिया में यह बयान भी दिया कि उन्हें एक युवा कप्तान चाहिए था, इसीलिए धोनी को कप्तानी से हटाकर स्मिथ को कप्तानी सौंपी गई है।
आईपीएल 2016 सीजन में राइजिंग पुणे सुपरजाएंट्स की टीम ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में 14 मुकाबलों में से सिर्फ 5 में जीत दर्ज की थी। यह आईपीएल में पहला मौका था जब धोनी कप्तान के रूप में अपनी टीम को प्लेऑफ में नहीं पहुंचा सके थे।
मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि धोनी और पुणे टीम के मालिकों के संबंध पिछले साल आईपीएल बोली के समय से ही बिगड़ते रहे थे। धोनी की सलाह पर टीम मालिकों ने न तो खिलाड़ियों की बोली लगाई और न ही धोनी की सलाह को महत्व दिया।
अब तक धोनी ने आईपीएल में सारे मैच बतौर कप्तान ही खेले हैं, लेकिन आईपीएल 10 में धोनी को स्मिथ की कप्तानी में खेलना है, जो उनके लिए एक नया अनुभव रहेगा। धोनी के लिए दोहरी चुनौती यह भी है कि वे विकेट के पीछे और अपने बल्ले से बेहतर प्रदर्शन करें।