Publish Date: Wed, 05 Oct 2016 (12:35 IST)
Updated Date: Wed, 05 Oct 2016 (12:38 IST)
कराची। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के पूर्व अध्यक्ष एहसान मनी ने बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर की निंदा करते हुए पीसीबी से यह दबाव बनाने के लिए कहा है कि भारत को आईसीसी टूर्नामेंटों की मेजबानी नहीं मिल सके। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी क्रिकेट अधिकारियों को अगले सप्ताह केपटाउन में आईसीसी कार्यकारी बोर्ड की बैठक में कड़ा रुख अख्तियार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष ने भड़काऊ और अपरिपक्व बयान देकर पाकिस्तान को आईसीसी बैठक में अपना पक्ष प्रभावी ढंग से रखने का मौका दे दिया है। मनी ने कहा कि पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल को मांग करनी चाहिए कि आईसीसी पाकिस्तान के खिलाफ बयानबाजी को लेकर बीसीसीआई अध्यक्ष से सफाई मांगे।
उन्होंने कहा कि अनुराग ठाकुर राजनेता हैं और सत्तारूढ़ दल के सांसद भी हैं। आईसीसी को उनसे पूछना चाहिए कि पाकिस्तान या अन्य क्रिकेट मसलों पर बयान उन्होंने किस हैसियत से दिए हैं। आईसीसी के संविधान में साफतौर पर लिखा है कि उसका कोई अधिकारी या सदस्य देश का अधिकारी ऐसा बयान नहीं देगा जिससे खेल की साख को ठेस पहुंचे और ठाकुर के बयानों ने यही किया है।
मनी ने कहा कि वे पिछले 2 साल से पाकिस्तान बोर्ड को सलाह दे रहे हैं कि आईसीसी टूर्नामेंटों में ग्रुप चरण में भारत के खिलाफ नहीं खेले तथा अब भारत आईसीसी टूर्नामेंटों के ग्रुप चरण में हमारे साथ नहीं खेलने की बात कह रहा है।
सच तो यह है कि भारत-पाकिस्तान मैचों से आईसीसी को भारी कमाई होती है और बिग थ्री संचालन फॉर्मूले के तहत भारत को इसका बड़ा हिस्सा मिलता है। इसके बावजूद वे हमारे साथ द्विपक्षीय श्रृंखला नहीं खेलना चाहते और पाकिस्तानी क्रिकेट अधिकारी बरसों से भारत को खुश रखने की नीति पर अमल कर रहे हैं, क्योंकि वे द्विपक्षीय क्रिकेट की बहाली चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि लेकिन अब यह साफ है कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड की तरफ से काफी नकारात्मकता है और हालात भी तनावपूर्ण हैं। पाकिस्तान के लिए आईसीसी बैठक में अपना पक्ष रखने का यह सही मौका है। (भाषा)