Publish Date: Wed, 29 Jul 2020 (12:25 IST)
Updated Date: Wed, 29 Jul 2020 (12:32 IST)
मैनचेस्टर। इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने कहा है कि उनके टीम के साथियों को जेम्स एंडरसन और स्टुअर्ट ब्रॉड के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने पर खुद को भाग्यशाली समझना चाहिए। उन्होंने साथ ही कहा कि इन दोनों अनुभवी तेज गेंदबाजों को खेलते हुए देखने से बेहतर युवाओं के लिए सीखने का कोई अन्य तरीका नहीं है।
एंडरसन के नक्शेकदम पर चलते हुए ब्रॉड 500 टेस्ट विकेट चटकाने वाले गेंदबाजों के एलीट क्लब में शामिल हो गए। इससे पहले क्रिकेट इतिहास में सिर्फ 6 अन्य गेंदबाजों ने यह उपलब्धि हासिल की है। ये दोनों वर्षों से इंग्लैंड के तेज गेंदबाजी आक्रमण के अगुआ रहे हैं और इन्हें विश्व क्रिकेट की सबसे सफल तेज गेंदबाजी जोड़ी में से एक माना जाता है।
स्काई स्पोर्ट्स ने रूट के हवाले से कहा कि हम इंग्लैंड के 2 सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों को देख रहे हैं। इन दोनों के साथ टीम में खेलते हुए हमें समझना चाहिए कि हम कितने भाग्यशाली हैं, जो हम उन्हें अपना कौशल दिखाते हुए देख रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इन दोनों के साथ खेलते हुए उन्हें गेंदबाजी करते हुए देखने से बेहतर युवा तेज गेंदबाज के पास सीखने का कोई और तरीका नहीं है। रूट ने आलोचकों को चेताया था कि वे अपने जोखिम पर ही एंडरसन और ब्रॉड को चुका हुआ माने। वे हालांकि इससे पहले संकेत दे चुके हैं कि जोड़ी के रूप में इन दोनों के दिन संभवत: पूरे हो गए हैं। रूट ने कहा कि जिमी (एंडरसन) और स्टुअर्ट दोनों के साथ खेलना सम्मान की बात है और उम्मीद करता हूं कि लंबे समय तक ऐसा होता रहेगा।
ब्रॉड को साउथैम्पटन में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टेस्ट की टीम में जगह नहीं दी गई थी लेकिन बाकी बचे 2 टेस्ट में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए आलोचकों को शांत किया और इंग्लैंड को जीत दिलाई। उन्हें वेस्टइंडीज के रोस्टन चेस के साथ 'मैन ऑफ द सीरीज' चुना गया। तीसरे और निर्णायक टेस्ट में ब्रॉड ने टेस्ट क्रिकेट में तीसरी बार मैच में 10 या इससे अधिक विकेट चटकाते हुए 67 रन देकर 10 विकेट हासिल किए। (भाषा)