क्रिकेटर को सिर पर चोट लगी तो नहीं कर पाएगी कोई टीम चीटिंग, जानिए कैसे
ICC के नए नियमों में ‘concussion’ होने पर खिलाड़ियों को 7 दिन तक बाहर रहना होगा
Publish Date: Fri, 27 Jun 2025 (16:32 IST)
Updated Date: Fri, 27 Jun 2025 (16:42 IST)
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने शुक्रवार को सभी प्रारूपों में खेलने के लिए नए नियमों की घोषणा की जिसमें कनकशन से चोटिल होने वाले खिलाड़ियों के लिए न्यूनतम सात दिन का स्टैंड डाउन समय, सीमित ओवरों के क्रिकेट में वाइड गेंद के नए नियम का ट्रायल और बाउंड्री पर कैच के संबंध में बदलाव शामिल हैं।
क्रिकेट की वैश्विक संचालन संस्था ने अपनी वेबसाइट पर कहा कि टेस्ट के लिए नए नियम 2025-2027 डब्ल्यूटीसी चक्र से लागू होंगे जिसकी शुरुआत श्रीलंका और बांग्लादेश के बीच गॉल में पहले टेस्ट के साथ हुई थी।इन दोनों देशों के बीच आगामी सीमित ओवरों की श्रृंखला वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय के लिए नए खेलने के नियमों की शुरूआत करेगी।
श्रीलंका और बांग्लादेश दो जुलाई से तीन मैच की एकदिवसीय श्रृंखला खेलेंगे जिसके बाद 10 जुलाई से तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला शुरू होगी।कनकशन (सिर पर चोट) प्रोटोकॉल के संदर्भ में आईसीसी ने कहा कि इसमें दो बदलाव किए गए हैं।
पहला तो टीमों को अब हर मैच के लिए कनकशन स्थानापन्न खिलाड़ी को नामांकित करना होगा।आईसीसी ने साथ ही घोषणा की कि किसी भी खिलाड़ी को कनकशन होने की स्थिति में न्यूनतम सात दिन तक खेल से बाहर (स्टैंड डाउन) रहना होगा।
आईसीसी ने कहा, मैच के दौरान कनकशन होने की स्थिति में खिलाड़ी को खेलने के लिए वापस आने से पहले कम से कम सात दिन की न्यूनतम स्टैंड डाउन अवधि का पालन करना होगा। यह बदलाव आईसीसी की चिकित्सा सलाहकार समिति की सिफारिश के बाद किया गया ताकि खिलाड़ियों की सुरक्षा और भलाई का ध्यान रखा जाए।
आईसीसी ने कहा कि पूर्ण सदस्यों देशों द्वारा इन दोनों नए नियमों का ट्रायल अक्टूबर 2025 से शुरू होकर छह महीने तक किया जाएगा।इसमें वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए एक नया वाइड-बॉल नियम भी शामिल है जिसे गेंदबाज की मदद के लिए लाया जा रहा है।
आईसीसी ने कहा, ट्रायल में गेंद डालते समय बल्लेबाज के पैरों की स्थिति को अब वाइड गेंद के लिए संदर्भ बिंदु (रेफरेंस प्वाइंट) के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा, भले ही बल्लेबाज बाद में ऑफ साइड की ओर मुड़ जाए।
आईसीसी की क्रिकेट समिति के मीडिया प्रतिनिधि दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान शॉन पोलाक ने इस साल जनवरी में पीटीआई को बताया था कि क्रिकेट की संचालन संस्था वाइड गंद पर गेंदबाजों को थोड़ी अधिक छूट देने के लिए काम कर रही है। आईसीसी ने कहा, कोई भी लेग साइड वाली गेंद जो बल्लेबाज के पैरों के पीछे से होकर जाती है और लाइन से बाहर होती है, उसे भी वाइड कहा जा सकता है।
एक और नियम का ट्रायल घरेलू प्रथम श्रेणी क्रिकट में किया जाना है जिसमें टीमें अंतिम एकादश में चुने के बाद किसी खिलाड़ी के गंभीर रूप से चोटिल होने के बाद उसकी जगह किसी अन्य खिलाड़ी को शामिल कर सकती हैं।
आईसीसी ने कहा, मैच शुरू होने के बाद किसी भी समय (किसी भी मैच पूर्व अभ्यास सहित) अगर खेल के मैदान पर कोई खिलाड़ी गंभीर रूप से चोटिल हो जाता है तो मैच के बचे हुए हिस्से में खेलने के लिए उसके समान किसी भी खिलाड़ी द्वारा उसे बदला जा सकता है। संचालन संस्था ने टेस्ट क्रिकेट में स्टॉप क्लॉक लाना, बाउंड्री कैच के नियम में बदलाव और वनडे मैच में 34वें ओवर के बाद केवल एक गेंद का नियम लागू करने के अन्य बड़े बदलावों की भी घोषणा की है। (भाषा)