बढ़त के लिए भारत-ऑस्ट्रेलिया में छिड़ा संघर्ष
Publish Date: Sun, 26 Mar 2017 (17:25 IST)
Updated Date: Sun, 26 Mar 2017 (17:39 IST)
धर्मशाला। ओपनर लोकेश राहुल (60) और 'श्रीमान भरोसेमंद' चेतेश्वर पुजारा (57) ने शानदार अर्द्धशतकीय पारियां खेलीं लेकिन ऑस्ट्रेलिया के ऑफ स्पिनर नाथन लियोन ने जबर्दस्त गेंदबाजी करते हुए 67 रन पर 4 विकेट लेकर भारत के खिलाफ चौथे और निणार्यक टेस्ट को दूसरे दिन रविवार को रोमांचक मोड़ पर पहुंचा दिया।
भारत ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक 91 ओवरों में 6 विकेट पर 248 रन बना लिए हैं और वह ऑस्ट्रेलिया के पहली पारी के 300 रनों के स्कोर से 52 रन पीछे है जबकि उसके 4 विकेट बाकी हैं। मैच काफी रोमांचक हो चला है और दोनों ही टीमों में बढ़त के लिए जबर्दस्त संघर्ष छिड़ा हुआ है। विश्व की नंबर 1 टीम भारत एक समय 2 विकेट पर 157 रन बनाकर काफी अच्छी स्थिति में थी लेकिन उसने 221 रन तक जाते-जाते अपने 6 विकेट गंवा दिए। ऑफ स्पिनर लियोन ने इस दौरान भारत को 4 विकेट लेकर सबसे ज्यादा आघात पहुंचाया। लियोन ने पुजारा (57), करुण नायर (5), कार्यवाहक कप्तान अजिंक्य रहाणे (46) और रविचन्द्रन अश्विन (30) के विकेट झटककर ऑस्ट्रेलिया को वापस मुकाबले में ला दिया। इससे पहले तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड ने ओपनर मुरली विजय (11) और पैट कमिंस ने लोकेश राहुल (60) के विकेट झटके।
दूसरे दिन स्टंप्स के समय रिद्धिमान साहा 10 और ऑलराउंडर रवीन्द्र जडेजा 16 रन बनाकर क्रीज पर हैं। जडेजा ने अपनी पारी के दौरान अपने 1,000 टेस्ट रन भी पूरे कर लिए हैं। मैच में तीसरे दिन सुबह का सत्र बेहद निर्णायक रहेगा। दोनों ही टीमें इस बात की पूरी कोशिश करेंगी कि पहली पारी में बढ़त लेकर विपक्षी टीम पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया जाए। मैच के दोनों ही दिन अब तक शानदार खेल देखने को मिला है और विश्व रैंकिंग में नंबर 1 तथा नंबर 2 टीमों ने उतार-चढ़ाव से गुजरते हुए वापसी की है। पहले दिन जहां भारतीय चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव ने 4 विकेट झटके तो दूसरे दिन ऑस्ट्रेलियाई ऑफ स्पिनर लियोन ने 4 विकेट झटक लिए।
दिन की समाप्ति तक भारत की स्थिति खराब हो सकती थी लेकिन मैट रेनशॉ ने साहा को 88वें ओवर की आखिरी गेंद पर पहली स्लिप में जीवनदान दे दिया। उस समय साहा का स्कोर 9 रन और भारत का स्कोर 243 रन था। कमिंस की गेंद पर साहा को यह जीवनदान मिला। रेनशा ने इससे पहले सुबह के सत्र में भी लोकेश राहुल का कैच टपकाया था। राहुल ने इस जीवनदान का पूरा फायदा उठाते हुए 124 गेंदों में 9 चौकों और 1 छक्के की मदद से 60 रनों की शानदार पारी खेली। राहुल का इस सीरीज में यह 5वां अर्द्धशतक था। उनका दुर्भाग्य रहा कि पांचों बार 50 रन पार करने के बावजूद वे उसे शतक में नहीं बदल पाए।
भारत ने सुबह बिना कोई विकेट खोए शून्य से आगे खेलना शुरू किया। मुरली विजय जल्द ही पैवेलियन लौट गए। हेजलवुड की गेंद पर विकेटकीपर मैथ्यू वेड ने विजय का कैच लपका। विजय ने 36 गेंदों में 11 रन बनाए और भारत का पहला विकेट 21 के स्कोर पर गिरा। राहुल और पुजारा ने इसके बाद दूसरे विकेट के लिए 87 रनों की महत्वूपर्ण साझेदारी की। दोनों बल्लेबाजों ने पहले सत्र में बेहद संभलकर खेलते हुए लंच तक भारत के स्कोर को 64 रनों तक पहुंचाया। लंच के समय राहुल 31 और पुजारा 22 रन पर नाबाद थे। (वार्ता)
अगला लेख