Publish Date: Fri, 05 Sep 2014 (14:36 IST)
Updated Date: Fri, 05 Sep 2014 (14:39 IST)
हेडिंग्ले। इंग्लैंड के टेस्ट मैचों में गेंदबाजी नायक रहे ऑलराउंडर मोइन अली ने एजबेस्टन में श्रृंखला का पहला वनडे खेलते हुए बल्ले से प्रभावशाली प्रदर्शन किया और मेजबान टीम के इस क्रिकेटर ने स्वीकार किया कि भारतीय बल्लेबाजों को खेलते हुए देखकर उन्होंने काफी कुछ सीखा।
अली ने कहा कि पहले दो मैचों में बाहर से बैठकर मैं भारतीयों को बल्लेबाजी करते हुए देखता था, मैंने पहले गेम में सुरेश रैना जैसे खिलाड़ी को खेलते देखा। वे मुश्किल में थे और वे इससे बाहर निकल आए और उन्होंने वैसा खेल दिखाया जैसा वे खेलता है।
अली ने कहा, आप उनके तरीके से काफी कुछ सीख सकते हो, कि निडर होकर अपने शाट खेलते रहो। उन्होंने कहा, अगर कोई जोखिम होता है तो भी वे इसे लेते हैं। कभी-कभार यह कारगर नहीं होता लेकिन बतौर टीम हम सभी यह कर सकते हैं और इस योजना का कार्यान्वयन कर सकते हैं।
उन्होंने कहा, इंग्लैंड ने चौथा वनडे नौ विकेट से गंवा दिया जिससे भारत ने पांच मैचों की श्रृंखला में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल की, लेकिन अली को अब भी लगता है कि टीम में जीतने की भूख है।
अली ने कहा, अभी खेलने के लिए काफी खेल बचा है। इंग्लैंड के लिए मैच जीतना महत्वपूर्ण है। वे (एलिस्टर कुक) हमें एकजुट कराने, कड़ी मेहनत कराने और योजना का कार्यान्वयन कराने की कोशिश कर रहे हैं।
अली ने बर्मिंघम में पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 गेंद में चार चौके और तीन छक्के जड़ित 67 रन की पारी खेली जिससे टीम ने सम्मानजनक स्कोर बनाया था। यह मौजूदा वनडे श्रृंखला में इंग्लैंड की ओर से पहला अर्धशतक था और बाएं हाथ यह बल्लेबाज इस बात से खुश है कि वह टीम के लिए कुछ योगदान कर सका।
उन्होंने कहा, मैं सिर्फ टीम के लिए स्कोर बनाने की कोशिश कर रहा था। मैं वैसे ही खेल रहा था जैसे मैं खेलता हूं। मैं सिर्फ अपनी बल्लेबाजी का लुत्फ उठा रहा था। शुक्र है कि सबकुछ ठीक हुआ। (भाषा)