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धोनी और विराट का 'कप्तानी टेस्ट'

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शुक्रवार, 6 मई 2016 (19:00 IST)
बेंगलुरु। आईपीएल-9 में खराब दौर से गुजर रही विराट कोहली की रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली राइजिंग पुणे सुपरजाएंट्स की टीमें शनिवार को यहां एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में जीत की तलाश में उतरेंगी। 
टूर्नामेंट में अच्छे खिलाड़ियों की मौजूदगी के बावजूद ये दोनों ही टीमें विजयी प्रदर्शन कर पाने में अब तक असमर्थ रही हैं। पुणे ने हालांकि पिछले मुकाबले में दिल्ली डेयरडेविल्स को 7 विकेट से हराकर पटरी पर लौटने के संकेत दिए हैं लेकिन टीम की यह 9 मैचों में मात्र तीसरी ही जीत है और वह तालिका में 6ठे स्थान पर है, वहीं बेंगलुरु की हालत भी खराब है, जो 7 मैचों में 2 ही जीत सकी है और 7वें स्थान पर खिसक चुकी है।
 
तालिका में अंतिम स्थान पर पहुंच चुकीं दोनों ही टीमों के लिए जीत की पटरी पर लौटने के अलावा और कोई विकल्प अब नहीं है और एक और हार से इनकी बची हुई उम्मीदों को करारा झटका लगेगा। बेंगलुरु के पास जहां भारतीय टेस्ट कप्तान विराट हैं तो पुणे के पास सीमित ओवर कप्तान धोनी का अनुभव और मार्गदर्शन है।
 
पुणे को पिछले 2 मैच हारने के बाद गुरुवार को दिल्ली के खिलाफ जीत नसीब हुई, जो इसलिए भी मायने रखती है, क्योंकि टीम इस समय अपने 4 अहम खिलाड़ियों को शेष टूर्नामेंट के लिए गंवा चुकी है। 
 
स्टीवन स्मिथ, फाफ डू प्लेसिस, केविन पीटरसन और मिशेल मार्श सभी चोटिल होकर बाहर हो चुके हैं और अब धोनी के लिए अंतिम एकादश में बदलाव करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है। हालांकि अजिंक्य रहाणे, सौरभ तिवारी, तिषारा परेरा, अशोक डिंडा कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं, जो निरंतर अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और टीम की ताकत इन्हीं से बनी हुई है।
 
दिल्ली को उसी के मैदान पर हराने में रहाणे (नाबाद 63) के अलावा नए शामिल हुए उस्मान ख्वाजा ने भी अहम भूमिका निभाई। इसके अलावा रजत भाटिया ने जबरदस्त गेंदबाजी की। रहाणे टीम के बल्लेबाजी क्रम की ताकत हैं और सर्वश्रेष्ठ स्कोरर हैं जिन्होंने अब तक 49 के औसत से 343 रन बनाए हैं जिसमें 5 अर्द्धशतक शामिल हैं। धोनी भी मध्यक्रम में रन बनाने का प्रयास कर रहे हैं और बेंगलुरु के हाथों पिछले मैच में मिली 13 रन की हार का बदला चुकता करने के लिए इनकी अहम भूमिका रहेगी। 
 
हालांकि रविचंद्रन अश्विन अब तक फॉर्म में नहीं लौट सके हैं। वे टीम के अनुभवी स्पिनर हैं लेकिन पिछले मैच में भी अश्विन 4 ओवरों में 34 रन देकर कोई विकेट नहीं ले सके और सबसे महंगे गेंदबाज रहे थे। उनके खाते में अब तक 9 मैचों में 69.66 के औसत से 209 रन लुटाने के बाद 3 विकेट ही आए हैं। 
 
नाजुक दौर से गुजर रही पुणे के लिए अब गलतियां करने का मौका भी नहीं है इसलिए व्यक्तिगत तौर पर सभी खिलाड़ियों को प्रदर्शन में सुधार की जरूरत है। वैसे टीम के पास परेरा, रजत, डिंडा और मुरुगन अश्विन के रूप में अच्छा गेंदबाज हैं। परेरा (8 विकेट) टीम के सफल गेंदबाजों में हैं। बेंगलुरु के खिलाफ पुणे के पिछले मैच में भी परेरा (34 रन पर 3 विकेट) सबसे सफल और विकेट लेने वाले एकमात्र गेंदबाज रहे थे।
 
बेंगलुरु ने अपना पिछला मैच कोलकाता से 5 विकेट से गंवाया था। इस मैच में टीम 185 का बड़ा स्कोर बनाने और लोकेश राहुल तथा कप्तान विराट के अर्द्धशतकों के बावजूद आखिरी समय में मैच गंवा बैठी।
 
विराट अपनी ओर से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और 7 मैचों में 72.16 के औसत से 433 रन बना चुके हैं जिसमें नाबाद शतक और 4 अर्द्धशतक शामिल हैं। टूर्नामेंट के सबसे सफल बल्लेबाज होने के बावजूद वे टीम को जीत नहीं दिला पा रहे हैं। एबी (320) दूसरे तथा लोकेश राहुल (184) तीसरे श्रेष्ठ स्कोरर हैं, वहीं गेल की भी वापसी हो गई है।
 
वैसे अब तक टीम को मिली पराजयों में उसकी हार की वजह खराब क्षेत्ररक्षण और बकवास गेंदबाजी की भूमिका रही है। केकेआर के खिलाफ तबरेज शम्सी ने सबसे अधिक निराश किया था और 4 ओवरों में 51 रन देकर विपक्षी टीम को जीत तोहफे में दे दी। हालांकि ऑलराउंडर शेन वॉटसन और युजवेंद्र चहल अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं लेकिन बाकी खिलाड़ियों को भी अपनी भूमिका निभानी होगी। (वार्ता) 

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