Publish Date: Sun, 04 Mar 2018 (21:13 IST)
Updated Date: Sun, 04 Mar 2018 (21:15 IST)
मुंबई। श्रीलंका में आगामी निधास टी20 ट्रॉफी में भारतीय तेज गेंदबाजी की आक्रमण का नेतृत्व करने वाले जयदेव उनादकट इस मौके पूरा फायदा उठाकर अगले साल होने वाले एकदिवसीय विश्व कप की टीम में अपनी जगह सुनिश्चित करना चाहते हैं।
उनादकट ने 2016 में जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे में टी20 मैच से आगाज किया था लेकिन इसके बाद वह एक साल से ज्यादा समय तक टीम से बाहर रहे और श्रीलंका के खिलाफ दिसंबर में खेली गई घरेलू श्रृंखला से उन्होंने वापसी की। इस तेज गेंदबाज की नजरें अब टी20 विश्व कप और अगले साल इंग्लैंड में होने वाले विश्व कप पर है। हालांकि वह अभी 50 ओवर प्रारूप में टीम का हिस्सा नहीं है।
उनादकट ने कहा, मैं ऐसा सोचता हूं कि यह आने वाले बड़े टूर्नामेंट की तैयारी है, ना की सिर्फ टी20 विश्व कप लेकिन एकदिवसीय के लिए भी। जैसा की मैंने कहा यह टीम में जगह बनाने के बारे में, मैदान पर अपने कौशल दिखाने के साथ अब टीम प्रबंधन को भी मुझ पर भरोसा है। उनादकट के मुताबिक श्रीलंका के खिलाफ उनकी रणनीति वैसी ही रहेगी जैसी पिछली घरेलू श्रृंखला में थी।
उन्होंने कहा, पक्के तौर पर, यह हमारे लिए फायदेमंद होगा। हमें उनके मजबूत पक्षों के बारे है पता है। पिछली बार हम टी-20 में भिड़े थे और इस बार भी हम टी20 में ही खेलेंगे। उनके बल्लेबाजों के लिए हमें रणनीति बनाने में फायदा होगा। कुछ नए खिलाड़ी आए है हम उनके लिए भी रणनीति बनाएंगें।
भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह की गैर मौजूदगी में गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करने वाले उनादकट इसे मौके की तरह देख रहे हैं। उन्होंने कहा, भारतीय टीम के साथ दो श्रृंखला में खेलने के बाद मुझे लगता है मेरे लिए यह (त्रिकोणीय श्रृंखला) काफी अच्छा मौका है।
मैं टीम में अपनी जगह बना रहा हूं और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी रणनीति को मैदान में उतारने का आत्मविश्वास भी बढ़ा है। जब मैंने वापसी की थी उस समय इसकी काफी जरूरत थी। उनादकट ने श्रीलंका के खिलाफ घरेलू टी20 श्रृंखला में चार विकेट लिए थे। दक्षिण अफ्रीका में उन्हें दो मैचों में मौका मिला जिसमें उन्होंने तीन विकेट चटकाए। टी20 करियर में उन्होंने छह मैचों में सात विकेट लिए हैं। श्रीलंका में त्रिकोणीय श्रृंखला में तीसरी टीम बांग्लादेश की है। (भाषा)