Publish Date: Wed, 02 Oct 2019 (18:28 IST)
Updated Date: Wed, 02 Oct 2019 (18:41 IST)
नई दिल्ली। कपिलदेव (Kapil Dev) ने आचरण अधिकारी डीके जैन द्वारा हितों के टकराव का नोटिस मिलने के बाद 3 सदस्यीय क्रिकेट सलाहकार समिति (CAC) से त्यागपत्र दे दिया। वैसे इस पूर्व भारतीय कप्तान को ‘अस्तित्वहीन समिति’ के लिए लिखित में इस्तीफा देने की जरूरत नहीं थी।
प्रशासकों की समिति (सीओए) के प्रमुख विनोद राय ने स्पष्ट किया कि उनके हिसाब से सीएसी ने हितों के टकराव के दायरे में नहीं आते हैं और उन्हें केवल मुख्य कोच के चयन के लिए नियुक्त किया था। इस समिति में कपिलदेव, महिला टीम की पूर्व कप्तान शांता रंगास्वामी और अंशुमन गायकवाड़ शामिल हैं।
जैन ने मध्यप्रदेश क्रिकेट संघ के आजीवन सदस्य संजीव गुप्ता की शिकायत पर इन तीनों को नोटिस जारी किए हैं। उन्होंने शिकायत की थी कि खिलाड़ियों के संघ के निदेशक होने के बावजूद वे सीएसी का हिस्सा हैं। रंगास्वामी पहले ही समिति से इस्तीफा दे चुकी हैं और तीसरे सदस्य गायकवाड़ ने कहा कि अगर समिति अस्तित्व में है तो वे भी त्यागपत्र देने के लिए तैयार हैं।
इस पूर्व सलामी बल्लेबाज ने बुधवार को कहा कि जहां तक मेरा सवाल है तो हमारी तदर्थ समिति केवल एक खास दिन के लिए नियुक्त की गई थी, जहां हमने मुख्य कोच का चयन करना था। मुझे लगता है कि अब यह अस्तित्वहीन है और अगर यह अब भी अस्तित्व में है तो फिर मैं टकराव का सवाल उठने पर त्यागपत्र देने के लिए तैयार हूं। राय ने इससे पहले कहा था कि सीएसी अब अस्तित्व में नहीं है और यह एक बार के लिए चुनी गई समिति थी।