Publish Date: Mon, 16 Jan 2017 (18:07 IST)
Updated Date: Mon, 16 Jan 2017 (18:23 IST)
पुणे। महेन्द्रसिंह धोनी ने टीम इंडिया की कप्तानी को अलविदा कहने के बाद इंग्लैंड के खिलाफ एकदिवसीय मैच में विराट कोहली की कप्तानी में मैदान पर उतरे। विराट कोहली का धोनी की मौजूदगी में पहला कप्तानी मैच था। भारत ने कोहली और केदार जाधव की शानदार बल्लेबाजी से यह मैच 3 विकेट से जीत लिया। लेकिन मैच के दौरान धोनी का कप्तानी वाला अंदाज मीडिया में सुर्खिया बना रहा।
मीडिया में यह खबरें भी रही है कि धोनी मैच के दौरान यह भूल गए कि वे अब टीम के कप्तान नहीं हैं। मैच में विकेट के लिए रेफरल मांगना मीडिया में यह चर्चा का विषय रहा। 26.6 ओवर में हार्दिक पांड्या की गेंद पर इंग्लैंड के कप्तान इयान मोर्गन ने शॉट लगाने की कोशिश की, लेकिन वे चूक गए।
गेंद उनके बैट का बाहरी किनारा लेकर विकेट के पीछे चली गई। इसके बाद धोनी ने बॉल को कैच कर लिया और सेलिब्रेट करने लगे। लेकिन तब ग्राउंड अंपायर ने मोर्गन को आउट देने से इनकार कर दिया। इसके बाद धोनी ने कप्तान विराट से पहले ही यूडीआरएस लेने का इशारा कर दिया।
मीडिया में यह सुर्खियों में रहा कि उन्होंने बिना विराट से पूछे सीधे यूडीआरएस ले लिया। हालांकि यह इशारा उन्होंने विराट कोहली के लिए ही किया था, लेकिन इतनी तेजी से हुआ कि लगा मानो वे अंपायर से डीआरएस की मांग कर रहे हैं। यह नहीं भूला जाना चाहिए कि माही टीम इंडिया के एक अनुभवी कप्तान रहे हैं।
धोनी अनुभवी विकेटकीपर हैं और अगर गेंद बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर के हाथों में जाती है तो वह आश्वस्त होता है तभी अंपायर से विकेट के लिए मांग करता है। ऐसी परिस्थिति में कप्तान भी सबसे पहले विकेटकीपर से ही चर्चा करता है। धोनी चूंकि बेहतरीन कप्तान रहे हैं, इसलिए उनके इस कदम से किसी प्रकार का बवाल नहीं होना चाहिए अगर कोहली यूडीआरएस लेते तो वे धोनी से पहले आकर सलाह लेते।
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Publish Date: Mon, 16 Jan 2017 (18:07 IST)
Updated Date: Mon, 16 Jan 2017 (18:23 IST)