Publish Date: Tue, 13 Aug 2019 (22:30 IST)
Updated Date: Tue, 13 Aug 2019 (22:33 IST)
मुंबई। प्रशासकों की समिति ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के क्रिकेट प्रमुख के रूप में राहुल द्रविड़ की नियुक्ति में 'हितों के टकराव' का कोई मामला नहीं है। लेफ्टिनेंट जनरल रवि थोडगे ने कहा कि गेंद अब बीसीसीआई (BCCI) के लोकपाल सह आचरण अधिकारी डीके जैन के पाले में है।
थोडगे ने कहा कि राहुल के मामले में हितों का टकराव नहीं है। उन्हें नोटिस मिला था और हमने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी थी। हमें हितों का टकराव नहीं दिखा, लेकिन अगर लोकपाल को लगता है तो हम उन्हें अपना पक्ष स्पष्ट करेंगे। उन्होंने कहा कि उसके बाद वे इस पर गौर करेंगे। यह एक प्रक्रिया है, जो जारी रहेगी।
क्या था मामला? : भारतीय क्रिकेट के सबसे सम्मानित व्यक्तियों में से एक राहुल द्रविड़ पर एनसीए में नियुक्ति के बाद हितों के टकराव का आरोप लगा था चूंकि वे इंडिया सीमेंट्स के कर्मचारी हैं, जो चेन्नई सुपर किंग्स टीम की मालिक हैं। द्रविड़ ने अपना जवाब जैन को भेज दिया है लेकिन अभी यह पता नहीं चला है कि उन्होंने पद से इस्तीफा दिया है या नहीं?
सीओए ने उनकी नियुक्ति के समय स्पष्ट किया था कि द्रविड़ को इंडिया सीमेंट्स के उपाध्यक्ष का पद छोड़ना होगा या कार्यकाल पूरा होने तक छुट्टी पर रहना होगा। द्रविड़ ने इंडिया सीमेंट्स से अवैतनिक अवकाश मांगा था जिसके बाद एमपीसीए के आजीवन सदस्य संजीव गुप्ता ने द्रविड़ के खिलाफ शिकायत की थी।