Publish Date: Sun, 09 Jul 2017 (14:09 IST)
Updated Date: Sun, 09 Jul 2017 (15:51 IST)
मुंबई। 3 सदस्यीय क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) सोमवार को यहां बैठक कर जब भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के कोच पद के दावेदारों की समीक्षा करेगी तो पूर्व टीम निदेशक रवि शास्त्री इस पद की दौड़ में सबसे आगे होंगे।
बीसीसीआई को 10 लोगों ने इस पद के लिए अपने बायोडाटा भेजे हैं जिसमें शास्त्री के अलावा वीरेंद्र सहवाग, टॉम मूडी, रिचर्ड पाइबस, डोडा गणेश, लालचंद राजपूत, लांस क्लूजनर, राकेश शर्मा (ओमान राष्ट्रीय टीम के कोच), फिल सिमंस और उपेंद्रनाथ ब्रह्मचारी (इंजीनियर, क्रिकेट की कोई पृष्ठभूमि नहीं) शामिल हैं। पता चला है कि सीएसी इन 10 दावेदारों में से 6 का साक्षात्कार लेगी।
सूत्रों के अनुसार साक्षात्कार के लिए 6 संभावित उम्मीदवार शास्त्री, सहवाग, मूडी, सिमंस, पाइबस और राजपूत हो सकते हैं। फिलहाल क्लूजनर को स्टैंडबाई रखा जा सकता है लेकिन उन्हें यह पद मिलने की संभावना काफी कम या नहीं के बराबर है।
कप्तान विराट कोहली के साथ मतभेद के बाद पूर्व मुख्य कोच और पूर्व भारतीय कप्तान अनिल कुंबले ने वेस्टइंडीज श्रृंखला से पहले इस्तीफा दे दिया था जिसके बाद से यह पद खाली है। कुंबले-कोहली विवाद के बाद सीएसी को अपनी पसंद को लेकर सतर्कता बरतनी होगी, क्योंकि नए कोच को 2 साल का अनुबंध मिलेगा।
शास्त्री ने शुरू में इस पद के लिए आवेदन नहीं किया था लेकिन बीसीसीआई ने जब आवेदन स्वीकार करने की समय सीमा 9 जुलाई तक बढ़ाई तो इस पूर्व कप्तान ने आवेदन किया और इस पद को हासिल करने के वे प्रबल दावेदार बन गए। कोहली के साथ अच्छे समीकरणों के कारण शास्त्री इस पद के सबसे मजबूत दावेदार हैं। उनके पिछले कार्यकाल में टीम 50 ओवरों के विश्व कप के सेमीफाइनल में पहुंची थी।
हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि सौरव गांगुली का नजरिया क्या होगा जिनके साथ शास्त्री का सार्वजनिक टकराव हुआ था और दोनों ने एक-दूसरे पर निशाना साधा था। शास्त्री ने आरोप लगाया था कि जब स्काइपी के जरिए उनका साक्षात्कार हुआ था तो गांगुली वहां मौजूद नहीं थे। गांगुली ने इसका जवाब देते हुए कहा था कि अगर शास्त्री गंभीर थे तो उन्हें निजी तौर पर मौजूद रहना चाहिए था।
एक और मजबूत दावेदार आक्रामक सलामी बल्लेबाज रहे सहवाग हैं। सहवाग को हालांकि कोच के रूप में खुद को साबित करना है। सहवाग 2 साल से किंग्स इलेवन पंजाब के मेंटर हैं लेकिन टीम को वांछित नतीजे नहीं मिले।
मूडी की दावेदारी को खारिज नहीं किया जा सकता, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय और फ्रेंचाइजी कोच के रूप में उन्हें अपार अनुभव है। उनके मार्गदर्शन में श्रीलंका 2011 विश्व कप के फाइनल में पहुंचा और सनराइजर्स हैदराबाद ने खिताब जीता। मूडी पिछले साल भी साक्षात्कार में शामिल हुए थे लेकिन कुंबले से पिछड़ गए जिनकी अनदेखी नहीं की जा सकती थी। मूडी को अगर चुना जाता है, तो ऑस्ट्रेलिया के उनके हमवतन क्रेग मैकडर्मोट गेंदबाजी कोच के रूप में अच्छी पसंद होंगे।
अगर शास्त्री को चुना जाता है तो टीम के गेंदबाजी कोच के रूप में भरत अरुण की दावेदारी मजबूत हो सकती है। क्लूजनर ने भी आवेदन किया है और उन्हें दक्षिण अफ्रीका की घरेलू लीग में प्रांतीय टीमों को कोचिंग का अनुभव है। सिमंस अफगानिस्तान और आयरलैंड जैसी टीमों के लिए अच्छे कोच साबित हुए हैं। वेस्टइंडीज के साथ हालांकि उनका कार्यकाल विवादों से भरा रहा, क्योंकि टीम चयन को लेकर उन्हें आपत्ति थी। (भाषा)