Publish Date: Wed, 08 Mar 2017 (21:18 IST)
Updated Date: Wed, 08 Mar 2017 (21:44 IST)
नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान स्टीव वॉ का भारत प्रेम जगजाहिर है। जब वे पहली बार बतौर कप्तान ऑस्ट्रेलिया टीम के साथ कोलकाता पहुंचे थे, तब 'उदयन' नामक संस्था ने उन्हें अपने यहां आमंत्रित किया था। स्टीव वॉ न केवल उदयन संस्था पहुंचे बल्कि वहां की गतिविधियों से इतने प्रेरित हुए कि ऑस्ट्रेलिया जाकर चैनल नाइन पर इसका प्रचार किया। तब करीब 10 ऑस्ट्रेलियन क्रिकेटरों ने उदयन के एक-एक बच्चे को गोद लेकर उसके लालन पालन और शिक्षा का खर्च वहन किया था। स्टीव ने हाल ही में एक और ऐसा काम किया है, जो सुर्खियों में बना हुआ है।
दरअसल ऑस्ट्रेलिया में इस्कॉन मंदिर के सामने सड़क पर ही उनका एक दोस्त स्टीफन गुजर-बसर करता था। स्टीफन ने अपने दिल की बात एक बार स्टीव वॉ को कही थी। दिल की बात यह थी कि जब उसकी मौत हो जाए तो हिंदू रीति-रिवाज से उसका दाह संस्कार किया जाए और उसकी अस्थियों को भारत की पवित्र 'गंगा नदी' में प्रवाहित किया जाए, वह भी कुंभराज 'काशी' की नगरी में...
संस्था उदयन के बच्चों के बीच ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान
दुर्भाग्य से 4 महीने पहले स्टीव वॉ के इस दोस्त स्टीफन की मौत हो गई। स्टीव वॉ को अपने दोस्त की अंतिम इच्छा याद रही। स्टीफन का अंतिम संस्कार हिन्दू रिवाज से ही किया गया और उनकी अस्थियां भी संभालकर रखी गईं। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच क्रिकेट सीरीज के सिलसिले में स्टीव वॉ भारत आए हुए हैं और वे अपने साथ स्टीफन की अस्थियां भी लेकर आए।
ऑस्ट्रेलिया का यह पूर्व कप्तान स्टीफन की अस्थियां लेकर बनारस के मणिकर्णिका घाट पर पहुंचा और वहां पर गंगा नदी में उन्हें प्रवाहित भी किया। सबसे खास बात तो यह थी कि स्टीव वॉ ने जब अपने दोस्त की अस्थियां प्रवाहित कीं, तब उनके दोस्त जॉनसन भी उनके साथ थे..काशी नगरी मोक्ष के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। स्टीफन की अंतिम इच्छा पूरी करने के बाद स्टीव वॉ के चेहरे पर दिखाई दे रही असीम शांति को पढ़ा नहीं, महसूस किया जा सकता था...