Publish Date: Sat, 03 Jun 2017 (22:45 IST)
Updated Date: Sat, 03 Jun 2017 (22:47 IST)
नई दिल्ली। रामचंद्र गुहा के सुनील गावस्कर के खिलाफ लगाए गए ‘हितों के टकराव’ के आरोपों पर जवाबी हमला बोलते हुए इस पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि यह चौंकाने वाला है कि उनकी निष्ठा पर सवाल उठाए गए हैं।
मशहूर इतिहासकार ने प्रशासकों की समिति (सीओए) के सदस्य के पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने विनोद राय को लिखे अपने पत्र में लिखा कि उच्चतम न्यायालय नियुक्त पैनल पूर्व खिलाड़ियों जैसे सुनील गावस्कर के बीच हितों के टकराव की घटनाओं को रोकने में असफल रहा है।
गावस्कर ने कहा कि अगर कोई मेरी निष्ठा पर शक कर रहा है तो मैं बहुत, बहुत निराश हूं। मेरा कोई हितों का टकराव नहीं है। यह चौंकाने वाला है कि मेरी निष्ठा पर सवाल उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि एक भी घटना बताइए जब मैंने चयन समिति को प्रभावित करने की कोशिश की हो। भारतीय किकेट के लिए मैंने जो कुछ किया है, उसकी तुलना में इसने मेरे लिए बहुत कुछ किया है।
यह बहुत निराशाजनक है कि वे मेरी निष्ठा और भारतीय क्रिकेट के लिये योगदान पर शक कर रहे हैं। गावस्कर ने कहा कि मैं पूरी तरह से संशय में हूं कि टकराव कहां है। मुझे इस बात से सबसे ज्यादा निराशा है कि मैं बतौर खिलाड़ी और फिर बतौर प्रशासक अपने तरीके से जितना भी हो सके, जिस भी तरह भारतीय क्रिकेट की सेवा करने की कोशिश कर रहा हूं। (वार्ता)