Publish Date: Mon, 05 Jan 2015 (18:47 IST)
Updated Date: Mon, 05 Jan 2015 (18:52 IST)
मुंबई। भारत ने 28 साल बाद वर्ष 2011 में एकदिवसीय विश्व कप जीता था और अब उस खिताब को बचाने के लिए टीम इंडिया के 15 योद्धाओं का चयन मंगलवार को राष्ट्रीय चयनकर्ता करेंगे।
कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अपने विश्व खिताब को बचाने के लिए एक बार फिर टीम की बागडोर संभालेंगे। धोनी ने हाल ही में मेलबोर्न टेस्ट के बाद टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था ताकि वे छोटे फॉर्मेट खासतौर पर ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में फरवरी-मार्च में होने वाले एकदिवसीय विश्व कप पर अपना ध्यान केंद्रित कर सकें।
राष्ट्रीय चयनकर्ता प्रमुख संदीप पाटिल की अगुवाई में चयन समिति विश्व कप के लिए 30 संभावितों का चयन पहले ही कर चुकी थी और अब इन 30 संभावितों में से 15 योद्धाओं को चुना जाना है। चयनकर्ता ऑस्ट्रेलिया में मेजबान और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली त्रिकोणीय सीरीज के लिए भी टीम का चयन करेंगे और विश्व कप के लिए भी यही टीम मैदान पर उतरेगी।
विश्व कप 14 फरवरी से शुरू होकर 29 मार्च तक चलना है और गत चैंपियन भारत अपने अभियान की शुरुआत 15 फरवरी को एडिलेड में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ मैच से करेगा।
भारत की 15 सदस्यीय टीम चयनकर्ताओं के दिमाग में पहले ही फिट हो चुकी होगी और यदि कोई एकाध नया परिवर्तन देखने को मिल जाए तो कोई हैरानी नहीं होगी। फिलहाल सभी की निगाहें ऑलराउंडर रवीन्द्र जडेजा पर लगी हुई हैं, जो अपनी फिटनेस से जूझ रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि जडेजा विश्व कप टीम में जगह बना पाते हैं या नहीं?
ओपनिंग के लिए देखा जाए तो शिखर धवन और रोहित शर्मा की जगह पक्की है। ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे ओपनर मुरली विजय ओपनिंग के लिए तीसरे दावेदार रह सकते हैं।
मध्यक्रम में जोरदार फॉर्म में चल रहे और टीम के उपकप्तान विराट कोहली, टेस्ट सीरीज में प्रभावित करने वाले अजिंक्य रहाणे, छोटे फॉर्मेट के बादशाह सुरेश रैना और अंबाती रायुडू के साथ कप्तान धोनी टीम इंडिया के सशक्त मध्यक्रम में रन बनाने की जिम्मेदारी संभालेंगे।
ऑलराउंडर की पोजिशन के लिए जडेजा को चुना जा सकता है। वे संभवत: त्रिकोणीय सीरीज में न खेल पाएं लेकिन विश्व कप तक फिट हो सकते हैं। एक अन्य युवा ऑलराउंडर अक्षर पटेल को भी इस पोजिशन के लिए तगड़ा दावेदार माना जा रहा है। यदि चयनकर्ता घरेलू फॉर्म पर यकीन रखते हैं तो पिछले विश्व कप के 'मैन ऑफ द टूर्नामेंट' युवराज सिंह के भाग्य का छींका फूट सकता है।
एकमात्र विशेषज्ञ स्पिनर के रूप में रविचंद्रन अश्विन सबसे प्रबल दावेदार है। तेज गेंदबाजी का दारोमदार भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद शमी, ईशांत शर्मा और उमेश यादव पर रहेगा। भुवनेश्वर चोट के कारण टेस्ट सीरीज से बाहर रहे थे लेकिन त्रिकोणीय सीरीज और उसके बाद विश्व कप में वे भारतीय आक्रमण का अहम हिस्सा होंगे।
यह देखना भी दिलचस्प होगा कि क्या चयनकर्ता टीम में धोनी के रूप में एक ही विकेटकीपर बल्लेबाज रखेंगे या फिर रिद्धिमान साहा को दूसरे विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में अंतिम 15 में जगह देंगे? (वार्ता)