भारतीय कप्तान महेंद्रसिंह धोनी ने अपनी जमीन पर पहले ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में ऑस्ट्रेलिया को आसानी से पराजित करने के बाद कहा कि टीम इंडिया ने इस जीत से साबित कर दिया है कि उसकी ट्वेंटी-20 विश्व कप की खिताबी सफलता कोई तुक्का नहीं थी।
धोनी ने विजेता ट्रॉफी ग्रहण करने के बाद कहा कि हमने हालाँकि वनडे सिरीज 2-4 से गँवाई थी, लेकिन ट्वेंटी-20 की इस जीत से हमने साबित किया है कि विश्व कप हमने किसी तुक्के से नहीं बल्कि पूरे टीम प्रयास से जीता था।
उन्होंने कहा कि हमारा इस मैच में उतरते समय मूल मंत्र यही था कि मैच का पूरा आनंद लो लेकिन मैदान में पूरी गंभीरता से खेलो। इस रणनीति में हम पूरी तरह सफल रहे। भारतीय कप्तान ने कहा कि जहाँ गेंदबाजों ने ऑस्ट्रेलियाई पारी में उनके दिग्गज बल्लेबाजों को रोका वहीं भारतीय बल्लेबाजों ने जमकर हाथ दिखाए।
उन्होंने 'मैन ऑफ द मैच' चुने गए गौतम गंभीर, विस्फोटक बल्लेबाज रॉबिन उथप्पा और 'सिक्सर किंग' युवराज सिंह की खास तौर पर तारीफ की।
धोनी ने गंभीर की सराहना करते हुए कहा कि वह चोट के कारण ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सिरीज के आखिरी चार मैचों में नहीं खेल पाए थे, लेकिन इस मैच में उन्होंने शानदार वापसी की और एक बेहतरीन पारी खेलकर हमारा काम आसान कर दिया।
भारतीय कप्तान ने कहा कि मुझे विश्वास है कि गंभीर पाकिस्तान के खिलाफ आगामी श्रृंखलाओं में हमारे लिए बहुत उपयोगी साबित होंगे।
इस बीच 'मैन ऑफ द मैच' पुरस्कार की घोषणा के साथ ही साथी खिलाडियों द्वारा शैंपेन से तर-बतर किएजाने के बाद गंभीर ने अपने प्रदर्शन पर संतोष जताते हुए कहा कि टीम ने एक अच्छी जीत हासिल की है और वह अपनी ट्वेंटी-20 की फार्म को 50 ओवर के मैचों में भी बरकरार रखने की पूरी कोशिश करेंगे।
गंभीर ने कहा कि हमारे लिए बहुत जरूरी था कि हम चौके-छक्के लगाने के अलावा स्ट्राइक रोटेट करते रहे, जिससे प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ी लगातार दबाव में रहे।