Publish Date: Fri, 07 Feb 2020 (08:27 IST)
Updated Date: Fri, 07 Feb 2020 (08:31 IST)
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप महाभियोग के आरोपों से बरी हो चुके हैं। समीक्षकों का कहना है कि महाभियोग के मुकदमे ने रिपब्लिकन पार्टी में ट्रंप की स्थिति मजबूत कर दी है।
अमेरिकी सीनेट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को महाभियोग के आरोपों से बरी कर दिया है। हालांकि जनमत संग्रहों में महाभियोग के मुकदमे में और गवाहों को सुनने का समर्थन किया गया था, लेकिन लोगों ने राष्ट्रपति को भी भारी समर्थन दिया। सीनेट के फैसले के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने अपने चुनावी अभियान की रफ्तार बढ़ा दी है।
उनकी रिपब्लिकन पार्टी अब एकमत होकर उनके साथ है। जो लोग विरोध में थे वे मैदान छोड़ चुके हैं या अगले चुनावों में नहीं लड़ने का फैसला कर चुके हैं। चुनावी आंकड़ों और प्रतिद्वंद्वी डेमोक्रेटिक पार्टी में उम्मीदवार के चुने जाने को लेकर उथल-पुथल ने भी ट्रंप की हिम्मत बढ़ाई है।
सीनेट में रिपब्लिकन सदस्यों ने पूरे तालमेल के साथ ट्रंप को बरी करने के लिए मत दिया। अपने निर्णय के पीछे उन्होंने कई कारण गिनाए, जैसे 'ट्रंप दोषी तो हैं लेकिन महाभियोग की जरूरत नहीं थी,' यूक्रेन के राष्ट्रपति के साथ जुलाई में टेलीफोन पर हुई उनकी बातचीत एक 'उत्तम कॉल' थी कि 10 महीनों में चुनाव हैं और उनकी किस्मत का फैसला मतदाताओं के हाथ में है।' खुद ट्रंप के लिए शायद सबसे महत्वपूर्ण संदेश यह था कि अधिकतम राजनीतिक संकट के समय में भी उनकी रिपब्लिकन पार्टी उनके साथ है।
किस-किस के खिलाफ
संयुक्त राज्य अमेरिका के संस्थापकों ने कांग्रेस को 'राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और संयुक्त राज्य अमेरिका के सभी सरकारी अधिकारियों' को पद से हटाने की शक्ति दी है जिसके तहत उन अभियुक्तों पर महाभियोग चलाया जा सकता है, जो 'देशद्रोह, रिश्वतखोरी या दूसरे बड़े अपराध या दुराचार के दोषी माना जाते हैं।'
ठीक एक दिन पहले ट्रंप ने अपने स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण में महाभियोग का जिक्र तक नहीं किया था और दावा किया था कि उन्होंने 2016 में अपने चुनाव अभियान में किए वादों को पूरा कर दिया है। महाभियोग के आरोपों से बरी होने के बाद वे 2020 के अपने अभियान के लिए महाभियोग को ही एक हथियार बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे थे।
ट्रंप ने ट्वीट किया कि वे बुधवार को अपने बरी होने पर एक वक्तव्य जारी करेंगे जिसमें वे 'महाभियोग के धोखे पर हमारे देश की जीत' पर चर्चा करेंगे। साथ ही उनके समर्थकों को निमंत्रण भी दिया गया कि वे ईस्ट रूम में उनके साथ 'जीत के जश्न' में शामिल हों।
राष्ट्रपति और उनके साथियों ने ट्रंप पर आरोप लगाने वालों और डेमोक्रेट सांसदों को चिढ़ाने वाले भी कई ट्वीट किए। ट्रंप ने 'टाइम' पत्रिका के एक कवर का इस्तेमाल करते हुए एक वीडियो डाला, जो ये कह रहा था कि वे 'हमेशा' राष्ट्रपति रहेंगे।
सदन में माइनॉरिटी नेता केविन मैककार्थी ने ट्रंप को महाभियोग की धाराएं फाड़ते हुए दिखाने वाला एक वीडियो ट्वीट किया। व्हाइट हाउस के सोशल मीडिया निदेशक डैन स्काविनो ने ट्रंप को नाचते हुए दिखाता हुआ एक जिफ ट्वीट किया।
2020 के राष्ट्रपति चुनावों के लिए हुई पहली नामांकन प्रतियोगिता आयोवा कॉकस से ट्रंप के लिए और भी अच्छी खबर आई। गिनती के दौरान हुई एक दुर्घटना की वजह से डेमोक्रेट सांसदों के बीच अफरा-तफरी हो गई। किसी भी प्रत्याशी को स्पष्ट जीत नहीं मिली और ट्रंप को डेमोक्रेट सदस्यों को अयोग्य और भ्रष्ट दिखाने का मौका भी मिल गया।
महाभियोग की पूरी प्रक्रिया के दौरान कई ऐसे रिपब्लिकन सीनेटरों ने ट्रंप का समर्थन किया जिन्होंने उनकी उम्मीदवारी का विरोध किया था और जो अब भी अकेले में उनकी आलोचना करते हैं। लंबे समय से रिपब्लिकन राजनीतिक सलाहकार रहे स्कॉट जेनिंग्स का कहना है कि महाभियोग के मुकदमे ने ट्रंप का उनकी पार्टी में और खासकर उनके मूल कंजर्वेटिव मतदाताओं में स्थान और मजबूत कर दिया।