Publish Date: Fri, 24 Feb 2017 (15:26 IST)
Updated Date: Fri, 24 Feb 2017 (15:29 IST)
नासा के अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने धरती के आकार वाले सात नए ग्रहों को खोज निकाला है। वैज्ञानिकों को इन ग्रहों पर पानी मिलने की उम्मीद है, जिससे यहां जीवन की संभावना प्रबल हो गई है
ट्रैपिस्ट-1 नाम का यह तारा एक छोटा खगोलीय पिंड है जो धरती से करीब 40 प्रकाश वर्ष दूर है। शोधार्थियों के मुताबिक इस सिस्टम की धरती से निकटता के चलते भविष्य के अध्ययनों को प्रोत्साहन मिलेगा। ट्रैपिस्ट-1 आकार में छोटा और ठंडा तारा है। जीवन की संभावनाओं को खंगालने के लिए जल्द ही इन ग्रहों के वातावरण का अध्ययन किए जाने की उम्मीद है।
साइंस जर्नल 'नेचर' में छपे लेख के मुताबिक, पिछले अध्ययनों से पता चलता है कि ट्रैपिस्ट-1 नाम के इस तारे को तीन ग्रह घेरे हुए हैं। यह तीन ग्रह उन 35 हजार ग्रहों में से हैं, जिन्हें सौर मंडल के बाहर खोजा गया था।
बेल्जियम यूनिवर्सिटी ऑफ लेज के लेखक माइकल गिल्लन के मुताबिक यह पहला मौका है जब धरती के आकार के नजर आने वाले इतने सारे ग्रह एक ही तारे के ईद गिर्द पाये गये हैं। हालांकि शोधकर्ताओं का ध्यान अब ठीक तापमान वाले पृथ्वी के आकार के ग्रहों को खोजने पर है ताकि पानी या किसी भी अन्य द्रव्य पदार्थ की मौजूदगी और जीवन की संभावनाओं को खंगाला जा सके।
माइकल ने बताया कि ये तारा ठंडा है और आकार में इतना छोटा है कि इन सातों ग्रहों का तापमान भी इसी से मिलता जुलता होगा और यहां द्रव्य पदार्थ भी हो सकते हैं। ट्रैपिस्ट-1 का व्यास सूरज के आकार का 8 फीसदी है।
गिल्लन को लगता है कि भले ही अभी इन ग्रहों पर जीवन ना हो लेकिन ये विकसित हो सकता है। ट्रैपिस्ट-1 करीब 50 करोड़ साल पुराना है और इसकी अनुमानित जीवन अवधि करीब 10 खरब साल आंकी गई है। नीदरलैंड के खगोलशास्त्री इग्नस स्नीलन के मुताबिक अगर कुछ अरब साल बाद सूरज की ऊर्जा समाप्त भी हो जाती है तब भी ट्रैपिस्ट-1 जैसा तारा बना रहेगा। शोध के अगले चरण में वैज्ञानिक ऑक्सीजन और मिथेन जैसी अहम गैसों की खोज कर रहे हैं। एए/आरपी (रॉयटर्स)
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Publish Date: Fri, 24 Feb 2017 (15:26 IST)
Updated Date: Fri, 24 Feb 2017 (15:29 IST)