Publish Date: Sat, 24 Dec 2016 (11:57 IST)
Updated Date: Sat, 24 Dec 2016 (12:04 IST)
सलाफी, इस्लाम की एक बेहद कट्टर धारा है। बीते कुछ सालों से जर्मनी सलाफी चरमपंथियों से जूझ रहा है। कैसे फैला जर्मनी में सलाफियों का साया।
मस्जिदों का गलत इस्तेमाल : सुरक्षा अधिकारियों का अनुमान है कि जर्मनी में करीब 9,200 सलाफी चरमपंथी हैं। कुछ ऐसी मस्जिदों की भी पहचान की गई है जो युवाओं में चरमपंथ को बढ़ावा दे रही हैं। बर्लिन में अधिकारी इस मस्जिद को बंद करवाना चाहते हैं।
मुफ्त में कुरान का अनुवाद : बीते सालों में जर्मनी के कई शहरों में सलाफियों ने कुरान की अपने ढंग से की गई व्याख्या वाली किताबें मुफ्त में बांटी।
खुला प्रदर्शन : सलाफी अपनी विचारधारा का प्रसार करने के लिए हर मौके का फायदा उठाते हैं। बॉन में उन्होंने बीच सड़क पर नमाज पढ़ी। इसी दौरान वहां विरोध करने के लिए दक्षिणपंथी भी जमा हुए। बड़े पैमाने पर पुलिस बल की तैनाती के बावजूद टकराव के छिटपुट मामले सामने आए।
शरिया पुलिस : 2015 में वुपरटाल शहर में सलाफी शरिया पुलिस बनकर घूमे। इस हरकत से आम लोग बेहद नाराज हुए।
मास्टरमाइंड : सलाफी जिहादियों और आतंकी संगठनों के बीच रिश्ते भी हैं। जर्मनी से भी इस्लामिक स्टेट ने लड़ाकों की भर्ती की। इनमें से ज्यादातर युवा सलाफिज्म से संबंध रखने वाले थे। इन्हें गुमराह करने वाले कई लोग अब भी खुले घूम रहे हैं।
हिंसा के तैयार : सलाफी बीच बीच में अपनी ताकत दिखाने के लिए प्रदर्शन भी करते हैं। लेकिन उनके प्रदर्शनों में आए दिन हिंसा होती है। कुछ मामलों में पुलिस को बॉल बेयरिंग जैसी घायल करने वाली चीजें भी बरामद हुईं।
सलाफिज्म के खिलाफ : सलाफियों के बढ़ते प्रभाव से जर्मन समाज में चिंता है। 2015 में कई जर्मन शहरों में इस्लाम के विरोध में पेगीडा मार्च निकले। कुछ खास मार्च तो सिर्फ सलाफिज्म के खिलाफ निकले। इस दौरान सलाफियों के साथ झड़प भी हुई।
महिलाएं भी शामिल : सलाफियों के आयोजन में सिर्फ पुरुष ही नहीं होते। इनमें कई महिलाएं भी शामिल होती हैं। पूरी तरह ढंकी हुई ये महिलाएं खास दुकानों से सामान खरीदती हैं।
मुख्यालय पर छापा : कभी कभार पुलिस सलाफियों के मुख्यालय और मस्जिदों में छापे भी मारती है। किसी गैरकानूनी हरकत का शक होने पर ऐसी कार्रवाई की जाती है।
अहम गिरफ्तारी : जर्मनी में सलाफिज्म के जरिये कट्टर इस्लामिक विचारधारा फैलाने वाले अब्राहम अबू नाजी को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। इंटरनेट पर वह कट्टरपंथी इस्लाम को सही धर्म बता रहा था।
संदिग्ध पर मुकदमा : सलाफी मुराद के. पर फिलहाल बॉन में मुकदमा चल रहा है। उस पर पुलिस अधिकारी को नुकसान पहुंचाने और ड्यूटी में बाधा डालने के आरोप हैं।