Publish Date: Thu, 21 May 2015 (11:11 IST)
Updated Date: Thu, 21 May 2015 (11:17 IST)
लिवर या यकृत शरीर की कई प्रक्रियाओं में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। प्रोटीन के निर्माण से लेकर रक्त के जमने में, कॉलेस्ट्रॉल के नियमन से लेकर ऊर्जा देने वाली शर्करा के पाचन में। लिवर को स्वस्थ रखने के कुछ उपाय।
महत्वपूर्ण अंग : जिगर मानव और अन्य रीढ़धारी जीवों के शरीर का एक बहुत महत्वपूर्ण अंग है। यह शरीर में जरूरी प्रोटीन का संश्लेषण करता है, विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने का काम भी। भोजन के पाचन के लिए जरूरी कई जैविक रसायन यकृत से ही निकलते हैं।
हेपेटाइटिस : केवल जर्मनी में ही लगभग पचास लाख लोगों को जिगर से जुड़ी कोई ना कोई बीमारी है। हेपेटाइटिस बीमारी के कई प्रकार हैं, जैसे ए, बी, सी, डी, एवं ई। इनका संक्रमण वायरस या फिर यौन संभोग के माध्यम से भी हो सकता है। शोधकर्ताओं ने पाया है कि हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस सी का वायरस कई मरीजों में जिगर के कैंसर का भी मुख्य कारण बनता है।
शराब : शराब से लिवर को कितनी क्षति पहुंचती है, इसका ठीक ठीक पता नहीं है लेकिन फैटी लिवर और जिगर के सिरोसिस की बीमारी का अल्कोहल से संबंध स्थापित हो चुका है। लिवर सिरोसिस का इलाज अब तक संभव नहीं हो पाया है और प्रत्यारोपण के अलावा इसका कोई उपाय भी नहीं है।
सिंड्रोम : लिवर की बीमारी होने पर मूत्र का रंग गहरा और मल पतला हो जाता है। बीमारी के लक्षण पेट, टखने और पैर की सूजन या अत्यधिक थकान के रूप में भी दिख सकते हैं। लिवर में दर्द और खून आने की भी शिकायत होती है।
फैट और उसके परिणाम : प्रौद्योगिकी, समृद्धि और आधुनिक जीवन शैली की वजह से आज कई लोग मोटापे की समस्या से ग्रस्त हैं। मोटापे के कारण शरीर में फैट की मात्रा बढ़ने से मधुमेह, हृदय रोग और फैटी लिवर जैसे रोग हो सकते हैं।
जिगर को बचाने के लिए : इसके लिए सही आहार लेना, टीके लगवाने के अतिरिक्त एक सक्रिय, स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जीने का प्रयास करना चाहिए। यदि लिवर की बीमारी ने घेर लिया हो तो प्रोटीन और फैट वाले खाने से परहेज करें लेकिन खाने में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बढ़ा देनी चाहिए।
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Publish Date: Thu, 21 May 2015 (11:11 IST)
Updated Date: Thu, 21 May 2015 (11:17 IST)