Publish Date: Thu, 05 Apr 2018 (11:45 IST)
Updated Date: Thu, 05 Apr 2018 (11:49 IST)
दुनिया भर में लोकतांत्रिक शासन की बात होती है। हालांकि अब भी कई देश हैं जहां पूरी तरह से राजा का शासन है। इन देशों में राजा की इच्छा ही सर्वोपरि है कोई संविधान या फिर कोई और चीज उसके ऊपर नहीं है। एक नजर ऐसे देशों पर।
ब्रुनेई
ब्रुनेई में सुल्तान हाजी हसनाल बोल्किया मुइज्जाद्दीन वदअउल्लाह का शासन है। ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ के बाद वो दुनिया में चले आ रहे सबसे पुराने शाही वंशज हैं जिसके हाथ में सत्ता की बागडोर है। हालांकि ब्रिटेन में अब लोकतंत्र है और देश का कामकाज जनता के चुने हुए प्रतिनिधि संभालते हैं।
ओमान
ओमान के सुल्तान हैं कबूस बिन सइद अल सइद। उन्होंने 1970 में अपने पिता सइद बिन तैमूर को गद्दी से हटा कर सत्ता की कमान अपने हाथ में ली। वह अल बू सईद वंश के चौथे शासक हैं। 1970 में जब तख्तापलट के जरिए सत्ता संभाली तो वह अरब जगत के सबसे युवा शासक थे।
सऊदी अरब
अरब जगत के दूसरे सबसे बड़े देश पर शाह सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद का शासन है जो देश के प्रधानमंत्री भी हैं। वे अपने भाई नायेफ बिन अब्दुलअजीज अल सउद के निधन के बाद देश के सुल्तान बने। फिलहाल देश में शासन उनके नाम पर उनके बेटे क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान चला रहे है, जो देश के उप प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री भी हैं।
संयुक्त अरब अमीरात
सात अमीरातों के संघ संयुक्त अरब अमीरात पर खलीफा बिन जायेद बिन सुल्तान अल नाह्यान का शासन है जो यहां के राष्ट्रपति और अबू धाबी के अमीर हैं। वह 2004 से ही इस पद पर काबिज हैं। इससे पहले उनके पिता जायेद बिन सुल्तान अल नाह्यान यहां के शासक थे।
स्वाजीलैंड
दक्षिण अफ्रीका के देश स्वाजीलैंड पर इंगेवेनयामा मस्वाती तृतीय का शासन है, वे स्वाजी शाही परिवार के मुखिया हैं। वह स्वाजीलैंड के पूर्व राजा सोभुजा द्वितीय के बेटे हैं। 1986 में महज 18 साल की उम्र में जब उन्होंने देश की बागडोर संभाली तब वो दुनिया के सबसे युवा शासक थे।