Webdunia - Bharat's app for daily news and videos

Install App

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia
Advertiesment

अगर आपकी पत्रिका में हैं ये राजयोग तो जानिए कहां करेंगे राज, क्या होगा खास

webdunia
  • facebook
  • twitter
  • whatsapp
share
webdunia

पं. अशोक पँवार 'मयंक'

किसी भी स्थिति में चंद्र पर गुरु की सप्तम, पंचम, नवम् दृष्टि जा रही हो तो गजकेसरी नाम का राजयोग बनने से ऐसा जातक राजाओं जैसी जिंदगी जीता है। चंद्र से गुरु केंद्र 1, 4, 7, 10वें भाव में हो तब भी राजयोग बनने से राजसुख पाता है।
 
रुचक योग में जन्मा प्रशासनिक क्षमता से पूर्ण होता है
 
रुचक योग मंगल स्वराशि मेष या वृश्चिक का हो या उच्च मकर में होकर केंद्र 1, 4, 7, 10वें भाव में होने से बनता है। इस योग में जन्मा प्रशासनिक क्षमता वाला, पुलिस या सेना में उच्च पद पाने वाला होता है। ऐसा जातक राजनीति में भी सफल होता है। जमीन-मकान के व्यवसाय से लाभान्वित होता है।
 
भद्रयोग में जन्मा जातक विद्वान होता है
 
भद्रयोग जन्म लग्न में 1, 4, 7, 10वें भाव में स्वराशिस्थ बुध व उच्च के होने से बनता है। बुध स्वराशि मिथुन में होता है व उच्च बुध की कन्या राशि में होता है। ऐसा जातक विद्वान, उत्तम पढ़ा-लिखा, पत्रकार, लेखक, प्रकाशक, सेल्समैन, अच्छा ज्योतिष हो सकता है।
 
हंसयोग में जन्मा जातक हंसमुख, विद्वान व सभ्य पुरुष होता है
 
पंचमहापुरुष योग में से एक हंसयोग गुरु के स्वराशि धनु, मीन या उच्च का कर्क का होकर केंद्र 1, 4, 7, 10वें भाव में हो तो हंसयोग बनता है। ऐसा जातक भद्रपुरुष होकर मान-सम्मान पाने वाला, न्यायप्रिय, धर्म-कर्म में आस्थावान होता है। किसी गांव का प्रधान भी हो सकता है। ऐसा जातक लेखक, पत्रकार, प्रकाशक व सफल ज्योतिष भी हो सकता है। ऐसा जातक बैंककर्मी भी हो सकता है। राजनाईक, राजदूत व जिलाधीश भी हो सकता है।
 
मालव्य योग में जन्मा सुन्दर, कलाकार व धनी होता है 
 
मालव्य योग पंचमहापुरुष योग में से एक है। यह शुक्र के केंद्र 1, 4, 7, 10 में होने से बनता है। जब शुक्र, वृषभ या तुला या फिर मीन राशि में हो तो मालव्य योग बनता है। ऐसा जातक सुन्दर, आकर्षक व्यक्तित्व का धनी, कलाकार स्वभाव का, सौन्दर्य प्रेमी, धनी, चिकित्सक, इंजीनियर व चित्रकार भी हो सकता है।
 
शश योग और आप
 
पंचमहापुरुष योग में से एक शश योग है। शश योग शनि के केंद्र 1, 4, 7, 10 में स्वराशि मकर, कुंभ या उच्च तुला राशि का होने से बनता है। ऐसा जातक लोहा, सीमेंट, तेल, परिश्रमी कार्य, कृषि के कार्य से लाभ पाने वाला होता है। राजनीति, प्रशासन, न्यायाधीश में भी सफलता पाने वाला होता है।
ALSO READ: शारीरिक बनावट से जानिए भविष्य कैसा होगा, धन मिलेगा या नहीं

Share this Story:
  • facebook
  • twitter
  • whatsapp

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

webdunia
Christmas History : जानिए क्रिसमस पर्व का इतिहास, कैसे शुरू हुई यह परंपरा