Publish Date: Tue, 29 Apr 2008 (14:20 IST)
Updated Date: Tue, 29 Apr 2008 (14:19 IST)
रोहित जैन
ड़ूबनेवाले को इक ही तिनके का सहारा काफ़ी है
समझदार को कहते हैं बस एक इशारा काफ़ी है
यूँ ही नहीं कहता हूँ मै के इश्क़ मोहब्बत धोखा है
राह-ए-मोहब्बत पर मैने भी वक़्त गुज़ारा काफ़ी है
क्या ग़म है जो मिला नहीं वो तुमने जिस को चाहा था
दरिया-ए-ज़िंदगी में तो बस यादों का किनारा काफ़ी है
सच ही है के कोई नहीं है साथ सदा देने वाला
हमने भी इक दौर था जब सब ही को पुकारा काफ़ी है
ऐ ख़ुदा तू नाज़ ना कर अपनी क़ायनात पे यूँ
सच्चाई दिखलाने को इक दर्द का मारा काफ़ी है
कब हमने मांगी थीं दुनिया की सारी खुशियां
तारीक रात में हम को तो बस एक सितारा काफ़ी है